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कोलकाता के ज्योतिनगर में बाधित जलापूर्ति पुनर्बहाल करने की मांग लेकर हाई कोर्ट पहुंचे टीएमसी सांसद समिरुल इस्लाम, दायर की जनहित याचिका

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कोलकाता के ज्योतिनगर में बाधित जलापूर्ति पुनर्बहाल करने की मांग लेकर हाई कोर्ट पहुंचे टीएमसी सांसद समिरुल इस्लाम, दायर की जनहित याचिका


कोलकाता, 26 सितंबर (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद समिरुल इस्लाम ने उत्तर कोलकाता के काशिपुर इलाके में स्थित ज्योतिनगर कॉलोनी में नगर निगम की पेयजल आपूर्ति पुनर्बहाल करने की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की है। शनिवार को सोशल मीडिया पर इस कदम की जानकारी देते हुए टीएमसी सांसद ने बताया कि यह याचिका एक दिन पहले यानी शुक्रवार को दायर की गई थी।

उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए उउम्मीद जताई कि प्रभावित निवासियों के साथ जल्द न्याय होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा मामला लगभग पांच हजार लोगों के स्वच्छ पेयजल प्राप्त करने के मौलिक अधिकार से जुड़ा है।

सांसद ने अपनी जनहित याचिका और सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने यह कदम किसी राजनीतिक या मतदाता सूची के मुद्दे पर नहीं, बल्कि आम लोगों के पेयजल के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए उठाया है। इस्लाम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कोलकाता नगर निगम द्वारा पानी की आपूर्ति रोके जाने के बाद लोगों के एक बड़े वर्ग से बहुमूल्य पेयजल छीन लिया गया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह इलाका पश्चिम बंगाल के किसी सुदूर कोने में नहीं, बल्कि महानगर कोलकाता के ठीक बीचोबीच स्थित है।

गौरतलब है कि इस जल संकट ने ज्योतिनगर कॉलोनी के लगभग पांच हजार निवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसके अलावा, ये निवासी श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट द्वारा दावा की गई जमीन से बेदखली की अनिश्चितता का भी सामना कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, 29 जुलाई से कॉलोनी के पांच सार्वजनिक नल पूरी तरह से सूखे पड़े हैं, जिससे उन्हें दूर-दराज के जल स्रोतों और तथाकथित तौर पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा भेजे जा रहे पानी के टैंकरों पर निर्भर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। निवासियों का आरोप है कि यह संकट तब शुरू हुआ जब कोलकाता नगर निगम ने 26 से 28 जुलाई के बीच पाइपलाइन से संबंधित काम किया था। उनका दावा है कि इस काम के कारण कॉलोनी के भीतर 150 मीटर के दायरे में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में नल पहले की तरह ही सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर