मेदिनीपुर में हेस्टिंग हाउस का नाम शहीद खुदीराम बोस के नाम करने की मांग
पश्चिम मेदिनीपुर, 29 जुलाई (हि. स.)। स्वतंत्रता के लगभग आठ दशक बाद भी पश्चिम मेदिनीपुर के जिलाधिकारी का सरकारी बंगला आज भी ब्रिटिश काल के नाम हेस्टिंग हाउस से जाना जाता है। अब इस भवन का नाम बदलकर अमर क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस के नाम पर शहीद खुदीराम बोस भवन रखने की मांग उठी है।
मेदिनीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. शंकर कुमार गुच्छाइत ने मंगलवार शाम को इस संबंध में जिलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपते हुए भवन का नाम बदलकर शहीद खुदीराम बोस भवन किए जाने का प्रस्ताव दिया है।
विधायक ने अपने आवेदन में कहा है कि स्वतंत्र भारत के एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवन पर आज भी ब्रिटिश शासनकाल का नाम बने रहना देश के इतिहास और राष्ट्रीय चेतना के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद खुदीराम बोस के नाम पर इस भवन का नामकरण किया जाना स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
डॉ. गुच्छाइत ने कहा कि शहीद खुदीराम बोस केवल मेदिनीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव और स्वतंत्रता आंदोलन के अमर प्रतीक हैं। उनके नाम पर सरकारी भवन का नामकरण इतिहास, राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता की चेतना के अधिक अनुरूप होगा।
इस प्रस्ताव को लेकर सामाजिक माध्यमों पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। अनेक लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में इसे उचित कदम बताया है, जबकि कुछ लोगों ने इस विषय पर अलग मत भी व्यक्त किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

