हल्दिया बंदर में माल ढुलाई बढ़ाने पर जोर, कंटेनर परिवहन के लिए नई परियोजना
पूर्व मेदिनीपुर, 24 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट में माल परिवहन क्षमता बढ़ाने के लिए बंदरगाह प्राधिकरण ने कंटेनर परिवहन पर विशेष जोर देने का फैसला किया है। इसके तहत बंदरगाह में दो बर्थ का उपयोग किया जाएगा और एक नया आउटर कंटेनर टर्मिनल भी बनाया जाएगा। यह पूरा कार्य पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित होगा।
देश के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर बड़े समुद्री बंदरगाह मौजूद हैं। ऐसे में पूर्व भारत का नदी बंदरगाह हल्दिया अब माल परिवहन के क्षेत्र में समुद्री बंदरगाहों को टक्कर देने की तैयारी में है। आयात-निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हल्दिया बंदरगाह में कंटेनर परिवहन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। पिछले 12 वर्षों में बंदरगाह के 11 और 12 नंबर बर्थ से करीब दो लाख 20 हजार कंटेनरों का संचालन किया गया है।
अब कंटेनर हैंडलिंग की क्षमता बढ़ाने के लिए बंदरगाह प्रशासन ने इन दोनों बर्थ के बुनियादी ढांचे में बदलाव का निर्णय लिया है। पुराने क्रेनों को हटाकर आधुनिक तकनीक वाले दो नए क्रेन लगाए जाएंगे। इसके साथ अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाएं भी विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा हल्दिया नदी के पश्चिमी किनारे पर हल्दिया भवन के सामने आउटर कंटेनर टर्मिनल बनाया जाएगा। लगभग 696 करोड़ रुपये की लागत से 58 एकड़ क्षेत्र में यह परियोजना विकसित होगी। इसके लिए वर्क ऑर्डर जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आदेश जारी होने के तीन वर्षों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दोनों बर्थ और आउटर कंटेनर टर्मिनल—तीनों को पीपीपी मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बंदरगाह के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कंटेनर हैंडलिंग बढ़ने से माल परिवहन की मात्रा में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अगले 30 वर्षों में हल्दिया बंदरगाह के जरिए सात लाख कंटेनर हैंडलिंग का लक्ष्य तय किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस बंदरगाह से 51.82 मिलियन टन माल परिवहन हुआ था।
वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में 55 मिलियन टन माल परिवहन का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 11 मिलियन टन माल परिवहन हो चुका है। रेल, सड़क और जलमार्ग जैसी बेहतर कनेक्टिविटी के कारण हल्दिया बंदरगाह आयात-निर्यात के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। बढ़ती मांग को देखते हुए बंदरगाह प्रशासन बुनियादी ढांचे के विस्तार पर तेजी से काम कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

