सरकारी अस्पतालों में षष्ठी से लक्ष्मी पूजा तक लगातार छुट्टी की परंपरा खत्म, स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा
कोलकाता, 23 अक्टूबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों में अगले साल से दुर्गापूजा की षष्ठी से कोजागरी लक्ष्मी पूजा तक लगातार छुट्टियों जैसी व्यवस्था नहीं रहेगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने शुक्रवार को द्वादशी के दिन इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 1947 के बाद से चली आ रही इस परंपरा को अब समाप्त किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को आवश्यक सेवा बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, अन्य सरकारी विभागों की तरह स्वास्थ्य विभाग में कामकाज की व्यवस्था नहीं हो सकती। अस्पतालों में मरीजों को हर परिस्थिति में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करानी होती हैं। इसके बावजूद लंबे समय से दुर्गापूजा की षष्ठी से लक्ष्मी पूजा तक अस्पतालों में छुट्टी जैसा माहौल बना रहता था। अगले साल से इस व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि अब सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी के चार दिनों के लिए ही विशेष ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी मेडिकल कॉलेजों के शिक्षक, प्राचार्य, एमएसवीपी, गैर-चिकित्सा अधीक्षक और सफाईकर्मियों सहित विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए कहा गया है। जो कर्मचारी छुट्टी पर थे, उनकी छुट्टी रद्द कर काम पर लौटने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा के चार दिनों के विशेष रोस्टर के दौरान गैर-चिकित्सा कर्मचारियों की उपलब्धता सामान्य कार्यबल की लगभग 50 प्रतिशत रखी जाएगी। हालांकि, यह व्यवस्था केवल गैर-चिकित्सा कर्मचारियों के लिए होगी।
डॉक्टरों और नर्सों के लिए पहले से निर्धारित छुट्टी या इसी तरह का कोई विशेष रोस्टर लागू नहीं होगा। अस्पतालों की आवश्यकता और मरीजों की चिकित्सा संबंधी जरूरतों के अनुसार उन्हें उपस्थित रहना होगा। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान भी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को सुचारु बनाए रखना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा को इस वर्ष से समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया गया है। अगले वर्ष से नई व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि दुर्गापूजा और लक्ष्मी पूजा के दौरान भी मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

