सरकारी बफर स्टॉक का प्याज 24 सितंबर को पहुंचेगा कोलकाता
कोलकाता, 23 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने आपूर्ति तेज करने की तैयारी की है। मूल्य स्थिरीकरण कोष के बफर स्टॉक से प्याज लेकर चलने वाली ‘कांदा एक्सप्रेस’ 24 सितंबर 2026 को कोलकाता पहुंचेगी। इसके बाद कोलकाता और आसपास के जिलों में बड़ी मात्रा में प्याज पहुंचाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। त्योहारों के मौसम से पहले इस कदम का उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और मौसमी कीमतों के दबाव को कम करना है।
केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार पश्चिम बंगाल में नाफेड और एनसीसीएफ की मोबाइल वैन के माध्यम से अब तक करीब एक हजार 400 मीट्रिक टन प्याज वितरित किया जा चुका है। इन मोबाइल वैन के जरिए प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। अभी तक मुख्य रूप से सड़क मार्ग से प्याज पहुंचाया जा रहा था, लेकिन कांदा एक्सप्रेस के पहुंचने के बाद बड़ी मात्रा में प्याज को अधिक प्रभावी तरीके से बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा।
आने वाली खेप से प्याज की बिक्री कोलकाता और आसपास के जिलों में बढ़ाने की योजना है, ताकि इसका असर खुदरा कीमतों पर भी पड़े। कोलकाता में फिलहाल 25 से अधिक स्थानों पर प्याज की खुदरा बिक्री की जा रही है। इनमें कोले मार्केट, मेचुआ मंडी, मानिकतला मार्केट, रामपुरिया मार्केट और श्याम बाजार जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं।
सरकार बफर स्टॉक के प्याज की खुदरा बिक्री ‘सुफल बांग्ला’ के माध्यम से करने की संभावना पर भी विचार कर रही है। इससे उपभोक्ताओं को प्याज खरीदने के लिए अतिरिक्त केंद्र उपलब्ध होंगे और सरकारी हस्तक्षेप का दायरा भी बढ़ेगा।
केंद्र सरकार के अनुसार, कांदा एक्सप्रेस प्याज के बफर स्टॉक को रेल और सड़क मार्ग के संयुक्त नेटवर्क के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से बफर स्टॉक से प्याज की नियंत्रित आपूर्ति 24 अगस्त 2026 से शुरू की गई थी। बाजार की जरूरत के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार प्याज भेजा जा रहा है।
अब तक बफर स्टॉक का प्याज देश के 100 से अधिक शहरों में पहुंचाया जा चुका है। रेल और सड़क दोनों माध्यमों के इस्तेमाल से सरकार को बड़ी मात्रा में प्याज स्थानांतरित करने और अलग-अलग क्षेत्रों की मांग के अनुसार आपूर्ति करने में मदद मिल रही है।
सरकार के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के दौरान 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खुदरा प्याज की कीमतें स्थिर रहीं या उनमें गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और बिहार उन राज्यों में शामिल हैं, जहां पिछले सप्ताह प्याज की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
सरकार प्रमुख उपभोक्ता बाजारों में प्याज की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। स्थानीय जरूरत और आगामी त्योहारों के मौसम को देखते हुए बफर स्टॉक से आगे भी प्याज की नियंत्रित आपूर्ति अलग-अलग बाजारों में भेजी जा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

