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घाटाल महाविद्यालय में संस्कृत कंटेंट क्रिएशन और नागरिक पत्रकारिता इंटर्नशिप शुरू

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घाटाल महाविद्यालय में संस्कृत कंटेंट क्रिएशन और नागरिक पत्रकारिता इंटर्नशिप शुरू


घाटाल महाविद्यालय में संस्कृत कंटेंट क्रिएशन और नागरिक पत्रकारिता इंटर्नशिप शुरू


पश्चिम मेदिनीपुर, 14 मई (हि.स.)। घाटाल रवीन्द्र शतावार्षिकी महाविद्यालय के संस्कृत विभाग में बुधवार को “संस्कृत कंटेंट क्रिएशन और सिटिजन जर्नलिज्म” विषयक इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर मंटू कुमार दास तथा संस्कृत विभाग के अध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्नातक स्तर के चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।

यह इंटर्नशिप कार्यक्रम संस्कृत भारती (दक्षिण बंग) और समाचार एजेंसी हिंदुस्थान समाचार के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। महाविद्यालय की ओर से बताया गया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में संस्कृत भाषा के प्रयोग के लिए प्रेरित करना तथा संस्कृत को केवल पाठ्य विषय नहीं बल्कि एक जीवंत और व्यवहारिक भाषा के रूप में विकसित करना है।

प्रशिक्षण सत्र के प्रथम दिन हिन्दुस्थान समाचार बांग्ला डेस्क के वरिष्ठ उप संपादक सौम्यजीत चक्रवर्ती ने नागरिक पत्रकारिता की मुख्य विशेषताएं विषय पर छात्रों का मार्गदर्शन किया।

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नई शिक्षा नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा अंडरग्रेजुएट कार्यक्रमों के लिए लागू करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क फॉर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स (सीसीएफयूपी) के अनुरूप संचालित किया जा रहा है।

“सिटिजन जर्नलिज्म एंड संस्कृत कंटेंट क्रिएशन” विषयक इस इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को समाचार लेखन, संस्कृत में कंटेंट निर्माण, पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों तथा क्षेत्रीय अध्ययन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से निर्धारित असाइनमेंट और फील्डवर्क करने का अवसर भी मिलेगा।

कार्यक्रम से जुड़े शिक्षकों ने आशा व्यक्त की है कि इस पहल से विद्यार्थियों को शुद्ध उच्चारण, संवाद कौशल, समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, वीडियो व फोटोग्राफी, तथ्य सत्यापन तथा सोशल मीडिया पर सामग्री प्रस्तुति जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। उनके अनुसार यह पहल विद्यार्थियों के भाषा ज्ञान, सृजनात्मकता, तकनीकी दक्षता और पेशेवर तैयारी को नई दिशा प्रदान करेगी।

महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण के साथ-साथ मीडिया के प्रति जिम्मेदार समझ भी विकसित होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता