गंगासागर मेले की तैयारियों को लेकर मंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक, श्रद्धालुओं को मिलेगा पर्याप्त पेयजल
कोलकाता, 04 नवंबर (हि. स.)। आगामी गंगासागर मेले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को कोलकाता के अलीपुर स्थित चेतला में जनस्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचई) के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के जनस्वास्थ्य अभियंत्रण एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने की।
बैठक में दक्षिण 24 परगना डिवीजन और अलीपुर डिवीजन के इंजीनियरों एवं अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर सहित विभिन्न स्तरों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आगामी गंगासागर मेले के मद्देनजर पेयजल आपूर्ति, बुनियादी ढांचे के विकास और जनस्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। विशेष रूप से मेले के दौरान श्रद्धालुओं को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और जलापूर्ति व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने पर जोर दिया गया।
मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले में लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों की समय रहते योजना तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी होनी चाहिए, ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों और इंजीनियरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने पर भी विशेष जोर दिया। मंत्री ने सुरक्षित पेयजल और जनस्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि गंगासागर मेला पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु गंगासागर पहुंचकर पवित्र स्नान करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पेयजल, स्वच्छता और जनस्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती हैं। ऐसे में मेले से पहले हुई इस समीक्षा बैठक को तैयारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

