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उफनती गंगा ने निगल लिया 150 साल पुराना शिव मंदिर, मालदा में कटाव से मचा हड़कंप

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उफनती गंगा ने निगल लिया 150 साल पुराना शिव मंदिर, मालदा में कटाव से मचा हड़कंप


मालदा, 07 सितंबर (हि. स.)। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और भीषण कटाव ने मालदा जिले में चिंता बढ़ा दी है। रतुआ-1 ब्लॉक के महानंदाटोला इलाके के मुलीराम टोला में स्थित करीब 150 साल पुराना शिव मंदिर गंगा की तेज धारा और कटाव की चपेट में आकर नदी में समा गया। मंदिर के नदी में समाने का भयावह दृश्य सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। सोमवार सुबह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ ही मालदा के मानिकचक इलाके में भूतनी क्षेत्र में नदी कटाव भी तेज हो गया है। पानी में पुल से जुड़े संपर्क बांध की सड़क डूब गई है, जिसके कारण भूतनी द्वीप का मानिकचक और मालदा के मुख्य भूभाग से सड़क संपर्क टूट गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी के भयावह रूप को देखकर पहले से ही लोगों में दहशत थी। अब 150 वर्ष पुराने शिव मंदिर के नदी में समा जाने के बाद इलाके में कटाव और संभावित नुकसान को लेकर चिंता और बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है तथा वैकल्पिक बांध और सड़क बनाने की कोशिश शुरू कर दी गई है।

इलाके में केंद्रीय बलों के साथ आपदा प्रबंधन टीम भी काम कर रही है। प्रशासनिक स्तर पर बालू, लकड़ी के लट्ठे, लोहे के खंभे और टूटे हुए ईंट-पत्थरों की मदद से अस्थायी रास्ता बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि करीब 100 मीटर लंबी नई सड़क तैयार करने की योजना है, जिसके बनने के बाद भूतनी द्वीप तक पहुंचना संभव हो सकेगा। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस रास्ते को तैयार करने में कम से कम दो से तीन दिन लग सकते हैं।

गंगा के बढ़ते कटाव के कारण मानिकचक के भूतनी दियारा इलाके के पश्चिम रतनपुर स्थित एकमात्र प्राथमिक विद्यालय के भी नदी में समा जाने का खतरा पैदा हो गया है। वर्ष 1968 में स्थापित इस विद्यालय के आसपास कटाव लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि गंगा का कटाव इसी तरह जारी रहा तो विद्यालय भी जल्द नदी की चपेट में आ सकता है।

बताया गया है कि गत मंगलवार को भाजपा विधायक गौरचंद्र मंडल ने सिंचाई विभाग और ब्लॉक प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने मालदा के नदी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन के सामने प्रभावित क्षेत्रों को बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय