ईंधन बचत के संदेश के बीच बस से दुर्गापुर रवाना हुए पुरुलिया के प्रशासनिक अधिकारी
हुगली, 21 मई (हि.स.)। देश में ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और राज्य सरकार के निर्देशों के बाद पुरुलिया जिला प्रशासन ने एक अनोखी पहल की है। गुरुवार को दुर्गापुर में आयोजित प्रशासनिक बैठक में शामिल होने के लिए पुरुलिया के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सरकारी गाड़ियों के बजाय बस से रवाना हुए।
जानकारी के अनुसार 18 मई को राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने सभी जिलों को सरकारी वाहनों के उपयोग में कटौती करने और अनावश्यक यात्रा से बचने का निर्देश दिया था। इसी के तहत पुरुलिया जिला प्रशासन ने सामूहिक रूप से बस से यात्रा करने का निर्णय लिया।
पुरुलिया के जिलाधिकारी सुधीर कोन्थम ने कहा, “प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की है। साथ ही राज्य सरकार ने भी सरकारी वाहनों के उपयोग को कम करने का निर्देश दिया है। हम उसी निर्देश का पालन करते हुए बस से दुर्गापुर जा रहे हैं।”
गुरुवार सुबह करीब पौने 10 बजे जिला प्रशासनिक भवन से जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी, महकमा शासक और बीडीओ समेत कई अधिकारी दो बसों में रवाना हुए। इसी तरह पुलिस विभाग के अधिकारी भी वाहनों की संख्या कम कर बैठक में शामिल होने निकले।
जिला प्रशासन की इस पहल को काफी सराहा जा रहा है। हाल ही में कोलकाता में विधायकों को भी विधानसभा पहुंचने के लिए बस का उपयोग करते देखा गया था। अब जिला स्तर पर प्रशासन की यह पहल आम लोगों के बीच भी ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग का संदेश दे रही है।
जिलाधिकारी ने कहा, “हम सिर्फ राज्य सरकार के निर्देश का पालन नहीं कर रहे, बल्कि प्रधानमंत्री के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रयास भी कर रहे हैं।”
गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर दुर्गापुर के सिटी सेंटर स्थित सृजनी प्रेक्षागृह में पश्चिमांचल के पांच जिलों—पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धमान, पूर्व बर्धमान और बीरभूम—को लेकर प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विधायक और सांसद भी शामिल होंगे। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है।
इसके अलावा मुख्य सचिव द्वारा प्रशासनिक खर्च कम करने के लिए जारी सात सूत्रीय निर्देशों के तहत सभी जिलों और सरकारी विभागों को 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए तत्काल, मध्यम और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। शुक्रवार तक यह रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही एक जुलाई से हर महीने इस संबंध में रिपोर्ट भेजना भी अनिवार्य किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

