कालीघाट समर्थक तृणमूल ने अदालत से मांगी फ्रीज किए गए चार और बैंक खातों से पैसे निकालने की अनुमति
कोलकाता, 11 अगस्त (हि. स.)। कालीघाट समर्थक तृणमूल कांग्रेस ने अपने चार और बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के पुलिस के फैसले के खिलाफ एक बार फिर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। पार्टी की ओर से मंगलवार को अदालत में आवेदन देकर फ्रीज किए गए इन खातों से आवश्यक खर्च के लिए धन निकालने की अनुमति देने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई बुधवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में होने की बात कही गई है।
तृणमूल की ओर से अदालत में कहा गया कि साइबर अपराध से संबंधित एफआईआर के आधार पर पार्टी के इन बैंक खातों में लेनदेन रोक दिया गया है। ये खाते इंडियन बैंक के हैं। पार्टी का दावा है कि इन खातों के माध्यम से किसी भी तरह के अवैध लेनदेन का प्रमाण नहीं मिला है। इसी आधार पर खातों को संचालित करने और आवश्यक धन निकालने की अनुमति देने की मांग की गई है। पार्टी ने अदालत से यह भी आग्रह किया है कि आवश्यकता पड़ने पर इन खातों के संचालन के लिए भी एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया जा सकता है। तृणमूल का कहना है कि विशेष अधिकारी की निगरानी में खातों से निर्धारित नियमों के तहत धन निकाला जा सकता है।
इससे पहले तृणमूल के कुल तीन बैंक खातों को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने फ्रीज किया था। पार्टी के अनुसार, इन तीन खातों में कुल करीब 440 करोड़ रुपये हैं। कालीघाट समर्थक तृणमूल ने दैनिक खर्च के लिए इन खातों में जमा राशि के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी। इस मामले में पार्टी ने ईडी के फैसले में हस्तक्षेप और अंतरिम रोक लगाने की मांग को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हालांकि हाई कोर्ट ने उस समय ईडी के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद इन तीन खातों पर लगी रोक बरकरार रही और उनमें जमा राशि के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद कालीघाट समर्थक तृणमूल ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया, लेकिन वहां भी तत्काल राहत नहीं मिली।
इसी बीच तृणमूल के कुछ अन्य बैंक खातों में लेनदेन रोकने का निर्देश पुलिस की ओर से दिया गया था। पुलिस के इस फैसले के खिलाफ भी अलग से हाई कोर्ट में मामला दायर किया गया था। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने शर्तों के साथ फ्रीज किए गए उन खातों में जमा राशि के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।
अदालत ने इस प्रक्रिया के लिए एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति भी की थी। विशेष अधिकारी की निगरानी में कालीघाट समर्थक तृणमूल को आवश्यकता पड़ने पर फ्रीज किए गए खातों से धन निकालने की अनुमति दी गई थी।
अदालत के अंतरिम आदेश के अनुसार, संबंधित बैंक खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में से किसी भी दो लोगों के हस्ताक्षर वाले चेक पर विशेष अधिकारी के प्रति-हस्ताक्षर के बाद ही बैंक से राशि निकाली जा सकती है। विशेष अधिकारी को 30 सितंबर तक इन खातों का संचालन करने की जिम्मेदारी दी गई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि कालीघाट समर्थक तृणमूल आवश्यकता पड़ने पर इन खातों में उपलब्ध राशि का इस्तेमाल कानूनी खर्च के लिए कर सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

