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चुनाव में पराजय के बाद उभरने लगा तृणमूल का अंतर्कलह, पूर्व जिला अध्यक्ष पापिया घोष ने लगाया पार्टी में ‘मालिक-नौकर’ संस्कृति का आराेप

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चुनाव में पराजय के बाद उभरने लगा तृणमूल का अंतर्कलह, पूर्व जिला अध्यक्ष पापिया घोष ने लगाया पार्टी में ‘मालिक-नौकर’ संस्कृति का आराेप


सिलीगुड़ी, 06 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर घमासान तेज हो गया है। हार के तुरंत बाद ही पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर खुलकर बयानबाज़ी शुरू हो गई है।

सिलीगुड़ी की पूर्व जिला अध्यक्ष पापिया घोष ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “तृणमूल में हम लोग सिर्फ ‘नौकर’ थे। पिछले पांच सालों में पार्टी किसी सिस्टम से नहीं चली, बल्कि ‘मालिक-नौकर’ संस्कृति पर चलती रही थी। हमारा काम सिर्फ आदेश मानना था।”

उनके इस बयान से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।

पापिया घोष ने उत्तर बंगाल में तृणमूल के खराब प्रदर्शन के लिए सिंडिकेट राज और नेताओं के अहंकार को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि जनता ने पार्टी को नहीं, बल्कि उसके घमंडी नेताओं को नकार दिया है।

वहीं, हार के बाद पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी और चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि आई-पैक के पास अत्यधिक शक्ति थी और राज्य के नेता निर्णय लेने में असमर्थ थे। नेताओं का यह भी कहना है कि केंद्रीय बलों की सख्ती और चुनाव आयोग की निगरानी के कारण इस बार पुरानी रणनीति काम नहीं कर पाई।

नतीजों की समीक्षा से पहले ही इस तरह के बयानों ने साफ कर दिया है कि तृणमूल के अंदर बड़े स्तर पर असंतोष पनप रहा है, खासकर उत्तर बंगाल में। लगातार सामने आ रही नाराज़गी पार्टी नेतृत्व के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार