गड़ियाहाट बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 15 किलो फ्रोजन मांस जब्त
कोलकाता, 07 सितंबर (हि.स.)।
कोलकाता के गड़ियाहाट बाजार में सोमवार सुबह नगर निगम के खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी की। सप्ताह के पहले दिन बाजार में कारोबार शुरू होते ही अधिकारी अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। टीम ने मांस और मछली की दुकानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके रखरखाव की जांच की।
मांस की दुकानों की जांच के दौरान अधिकारियों को कई अनियमितताएं मिलीं। कच्चे माल को रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे क्रेट में बड़ी मात्रा में चिकन और मटन पैकेट में भरकर रखा गया था। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि इन जमे हुए मांस के पैकेटों पर उनके सुरक्षित उपयोग की अवधि या संरक्षण की तारीख दर्ज नहीं थी।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, करीब 10 से 15 किलो जमे हुए मांस को जब्त किया गया। नियमों के अनुसार, होटल और रेस्तरां में जमे हुए मांस को निर्धारित तारीख के साथ रखना अनिवार्य है। गड़ियाहाट बाजार में जब्त किए गए मांस पर तारीख संबंधी कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद उसे इस्तेमाल के अयोग्य बनाने की कार्रवाई की गई। इसके बाद जब्त मांस को नगर निगम की गाड़ी के जरिए कचरा निस्तारण स्थल भेज दिया गया।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बाजार की मछली की दुकानों का भी निरीक्षण किया। गुणवत्ता की जांच के लिए लगभग सभी दुकानों से मछलियों के नमूने लिए गए। प्रत्येक नमूने के साथ संबंधित कारोबारी का नाम और हस्ताक्षर दर्ज किए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा।
अधिकारियों ने बाजार के कारोबारियों को कच्ची मछली और मांस के सुरक्षित भंडारण और गुणवत्ता को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से हाल के दिनों में शहर के होटल, रेस्तरां, मिठाई की दुकानों और खाद्य उत्पादन इकाइयों में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अब बाजारों में बिकने वाली कच्ची मछली और मांस की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी बढ़ाई गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

