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बालुरघाट में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट का निरीक्षण

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बालुरघाट में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट का निरीक्षण


दक्षिण दिनाजपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। जिले के बालुरघाट शहर में शुक्रवार देर रात तक चली खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की संयुक्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर अधिकारियों ने शहर की कई मिठाई दुकानों, फास्ट फूड सेंटरों और रेस्टोरेंट में अचानक छापेमारी की। अभियान में पुलिस की एनफोर्समेंट ब्रांच भी शामिल रही।

बालुरघाट शहर के अलावा कामारपाड़ा बाजार और हिली ब्लॉक के त्रिमोहिनी बाजार में भी कई दुकानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सामग्री तैयार करने की व्यवस्था में कई गंभीर खामियां सामने आई।

जांच के दौरान कुछ मिठाई दुकानों में खाद्य सामग्री तैयार करने की जगह बेहद गंदी पाई गई।

अधिकारियों के मुताबिक कई जगहों पर कॉकरोच और मकड़ियां घूमती मिली। यहां तक कि मिठाइयां रखने वाली जगह पर कॉकरोच के पैर के निशान भी देखे गए।

हालात को देखते हुए तवबाजार इलाके की दो मिठाई दुकानों को शनिवार और रविवार बंद रखने को कहा गया है। अधिकारियों की टीम सोमवार को दोबारा मौके पर पहुंचकर साफ-सफाई और स्वास्थ्यकर स्थिति की जांच करेगी।

अभियान के दौरान फास्ट फूड दुकानों में भी कई अनियमितताएं मिली। अधिकारियों ने दो दुकानों से एक्सपायर्ड ब्रेड समेत कई खाद्य सामग्री बरामद की। इसके अलावा खाने में जरूरत से ज्यादा फूड कलर के इस्तेमाल का भी आरोप सामने आया। जांच के बाद अधिकारियों ने कई संदिग्ध और खराब खाद्य सामग्रियों को नष्ट कर दिया।

रेस्टोरेंट की स्थिति ने अधिकारियों की चिंता और बढ़ा दी है। बिरयानी समेत कई व्यंजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले केवड़ा जल, गुलाब जल और अलग-अलग कलरिंग एजेंट पर एक्सपायरी डेट का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिला।

सबसे गंभीर स्थिति उस जगह की बताई गई जहां कच्चा माल रखा जाता था।

अधिकारियों के अनुसार उसके ठीक बगल में शौचालय था और वहां इतनी दुर्गंध थी कि एक मिनट भी खड़ा रहना मुश्किल था।

रसोई में कई खाद्य पदार्थ खुले में रखे मिले। वहीं, चिकन पकौड़ा बनाने के लिए लंबे समय से फ्रीजर में रखा गया चिकन भी अधिकारियों को मिला, जिसकी स्थिति को लेकर उन्होंने गंभीर चिंता जताई।

अधिकारियों के अनुसार युवाश्री इलाके में स्थित एक रेस्टोरेंट के पास लाइसेंस भी नहीं था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नवनीता मजूमदार ने बताया कि संबंधित रेस्टोरेंट को पिछले वर्ष ही लाइसेंस बनवाने के लिए कहा गया था। जुलाई में भी उसे चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने यह भी बताया कि रेस्टोरेंट को पानी की जांच कराने के लिए कहा गया था, लेकिन वह भी नहीं कराया गया।

नवनीता मजूमदार के मुताबिक, एक रेस्टोरेंट में काजू समेत कई नट्स के ऊपर चूहे घूमते हुए देखे गए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद बालुरघाट के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई के नियमों से समझौता करने वाले दुकानदारों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार