सत्ता स्थायी नहीं होती, एक दिन हर सरकार की आलोचना होती है : फिरहाद हकीम
बोले- हमारी सरकार से भी गलतियां हुईं, लेकिन विकास कार्यों से इनकार नहीं किया जा सकता
कोलकाता, 24 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में शुक्रवार को शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों के विभागीय बजट पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम ने लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन को स्वाभाविक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि कोई भी सरकार हमेशा सत्ता में नहीं रहती और एक समय ऐसा आता है, जब उसकी भी आलोचना होती है।
सदन में अपने वक्तव्य के दौरान हकीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासनकाल में भी कई गलतियां हुईं, लेकिन यह कहना उचित नहीं होगा कि उस दौरान कोई विकास कार्य नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकारों की कमियों की चर्चा हो सकती है, लेकिन विकास कार्यों को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।
पूर्व मंत्री ने शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह जिस समर्पण और सक्रियता के साथ दिन-रात काम कर रही हैं, उससे उन्हें विश्वास है कि वह अपने दायित्वों में सफल होंगी।
फिरहाद हकीम ने कहा, सत्ता किसी के पास हमेशा नहीं रहती। आज नहीं तो 99 वर्ष बाद, 200 वर्ष बाद या 500 वर्ष बाद, एक समय ऐसा जरूर आएगा जब आपकी सरकार की भी इसी सदन में आलोचना होगी। यही लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है।
उनकी इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों ने आपत्ति जताई। इस पर हकीम ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने कहा, मैं तो आपके समर्थन में बात कहने की कोशिश कर रहा हूं। आप ही मुझे जबरन विरोधी बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब तृणमूल कांग्रेस पहली बार सत्ता में आई थी, तब उसे भी लंबे समय तक शासन करने का विश्वास था, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता परिवर्तन स्वाभाविक और अनिवार्य प्रक्रिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

