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फरक्का में जल मार्ग विकास परियोजना के जेटी पर सुरक्षा को लेकर सवाल, हादसे की आशंका

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फरक्का में जल मार्ग विकास परियोजना के जेटी पर सुरक्षा को लेकर सवाल, हादसे की आशंका


मालदा, 10 अगस्त (हि. स.)। जलमार्ग संपर्क व्यवस्था के विकास और पर्यटन तथा आवागमन को आसान बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की पहल पर फरक्का में इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी आइडब्ल्यूएआइ की ‘जल मार्ग विकास परियोजना’ शुरू की गई है। इस परियोजना के तहत बनाए गए कम्युनिटी जेटी या घाटों से रोजाना सैकड़ों लोग और दोपहिया वाहनों के साथ नदी पार करते हैं। हालांकि, इस आधुनिक बुनियादी ढांचे का लाभ आम लोगों को कितना मिल रहा है, इसे लेकर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, फरक्का के घोड़ायपाड़ा घाट से सटे जल मार्ग विकास परियोजना के इन जेटियों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का आरोप है। जेटी के चारों ओर मजबूत आधुनिक बैरिकेड या हाई सिक्योरिटी फेंसिंग तक नहीं है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके कारण जलमार्ग से आवागमन के दौरान नाव या वेसल पर चढ़ने-उतरने की आपाधापी में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेष रूप से क्षेत्र के नियमित यात्री और साइकिल, मोटरसाइकिल लेकर नदी पार करने वाले आम लोग काफी जोखिम उठाकर इन जेटियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूसरी ओर, जेटी के आसपास जल क्षेत्र में जलकुंभी और अन्य जलीय वनस्पतियों की भरमार के कारण जलयानों के आवागमन में भी गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च कर इस परियोजना का निर्माण किया गया, लेकिन प्रशासनिक निगरानी और उचित रखरखाव के अभाव में यह आम लोगों के लिए धीरे-धीरे जानलेवा साबित हो सकता है।

नागरिकों और नियमित यात्रियों ने मांग की है कि इन जेटियों की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल मजबूत की जाए, वेसल और नावों के आवागमन के रास्ते को जलकुंभी से मुक्त कराया जाए और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा