फलता में तृणमूल उम्मीदवार के पीछे हटने के बाद कांग्रेस सक्रिय, कार्यकर्ताओं से समर्थन की अपील
कोलकाता, 19 मई (हि. स.)। फलता विधानसभा क्षेत्र में मतदान से ठीक एक दिन पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल गया। भाजपा उम्मीदवार देवांशु पंडा के समर्थन में शुभेंदु अधिकारी की 25 किलोमीटर लंबी रोड शो और शक्ति प्रदर्शन के बीच तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के चुनावी मुकाबले से पीछे हटने की घोषणा ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।
तृणमूल उम्मीदवार के सक्रिय चुनाव प्रचार से हटने के बाद कांग्रेस भी मैदान में उतर आई। शुभंकर सरकार ने वीडियो संदेश जारी कर कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल रज्जाक मोल्ला के समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ वास्तविक लड़ाई कांग्रेस ही लड़ रही है और फलता के मतदाताओं को कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देना चाहिए। उन्होंने तृणमूल समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भी कांग्रेस के पक्ष में आने की अपील की।
शुभंकर सरकार ने कहा कि तृणमूल के कई समर्थकों ने लंबे समय तक अत्याचार सहा है। पार्टी नेतृत्व ने बार-बार उन्हें गलत रास्ते पर धकेला। बंगाल के विकास और भाजपा विरोधी राजनीति को मजबूत करने के लिए कांग्रेस उम्मीदवार को विधानसभा भेजना जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि फलता के ‘दबंग’ नेता माने जाने वाले जहांगीर खान पिछले विधानसभा चुनाव से ही लगातार सुर्खियों में रहे हैं। चुनाव आयोग ने क्षेत्र में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश के चर्चित पुलिस अधिकारी अजय पाल शर्मा को विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया था।
29 अप्रैल को मतदान के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक की चेतावनी के बावजूद जहांगीर खान ने फिल्मी अंदाज में कहा था, “पुष्पा झुकेगा नहीं।” लेकिन राज्य की बदली राजनीतिक परिस्थितियों और भाजपा के उभार के बीच अब उन्होंने चुनावी मुकाबले से खुद को अलग कर लिया है।
इस बीच जहांगीर खान के खिलाफ कई मामले भी दर्ज हुए हैं। उन्होंने गिरफ्तारी से संरक्षण के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख भी किया है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि चुनावी लड़ाई शुरू होने से पहले ही तृणमूल के इस चर्चित नेता ने पीछे हटने का फैसला लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

