पूर्व विधायकों की पेंशन में होगी बड़ी बढ़ोतरी, न्यूनतम 12 हजार और अधिकतम 25 हजार रुपये करने की तैयारी
हुगली, 11 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में पूर्व विधायकों की लंबे समय से चली आ रही पेंशन बढ़ाने की मांग अब पूरी होने की दिशा में है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पूर्व विधायकों की पेंशन में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी करने की तैयारी में है।
वर्तमान में राज्य के पूर्व विधायकों को न्यूनतम 8 हजार रुपये से अधिकतम 12 हजार रुपये तक मासिक पेंशन मिलती है। इसके अलावा उन्हें 6 हजार रुपये प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता भी दिया जाता है। इस तरह वर्तमान में पूर्व विधायकों को कुल मिलाकर करीब 14 हजार से 18 हजार रुपये प्रतिमाह प्राप्त होते हैं।
पूर्व विधायकों का कहना है कि मौजूदा पेंशन राशि अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। महाराष्ट्र में पूर्व विधायकों को करीब 50 हजार से 70 हजार रुपये, जबकि झारखंड में 40 हजार से 75 हजार रुपये तक पेंशन मिलने का उल्लेख किया गया है। उत्तराखंड और कर्नाटक में भी पूर्व विधायकों को तुलनात्मक रूप से अधिक पेंशन मिलती है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाकर न्यूनतम 12 हजार रुपये और अधिकतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव पर आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही वर्तमान में मिलने वाला 6 हजार रुपये का चिकित्सा भत्ता भी जारी रहने की संभावना है।
इसके अलावा पूर्व विधायकों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
पूर्व विधायक लंबे समय से पेंशन में बढ़ोतरी की मांग करते रहे हैं। पिछली सरकार के कार्यकाल में भी इस मुद्दे को कई बार उठाया गया था। उस समय विपक्ष में रहते हुए वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने के मुद्दे पर तत्कालीन मुख्यमंत्री से विचार करने का अनुरोध किया था।
सरकार बदलने के बाद पूर्व विधायकों ने अपनी मांग को लेकर नए मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष भी मामला उठाया। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता ऋतव्रत बनर्जी ने भी मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से बातचीत की।
परिषद मंत्री शंकर घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पूर्व विधायकों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने का निर्णय लिया है और इस संबंध में संसदीय कार्य विभाग की ओर से प्रस्ताव वित्त विभाग को भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह विषय कानून से संबंधित है, इसलिए आने वाले समय में इसके लिए आवश्यक कानून लाया जाएगा।
सरकार के इस प्रस्ताव को पूर्व विधायकों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, नई पेंशन व्यवस्था को लागू करने के लिए विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम राशि और अन्य प्रावधान स्पष्ट होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

