आसनसोल ईएसआई अस्पताल में ठेका एवं अस्थायी डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार, नौकरी पर संकट को लेकर प्रदर्शन
पश्चिम बर्दवान, 13 जुलाई (हि. स.)। आसनसोल स्थित ईएसआई अस्पताल में सोमवार को ठेका एवं अस्थायी डॉक्टरों ने अपनी नौकरी पर मंडरा रहे संकट के विरोध में कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित किए जाने की प्रक्रिया के बीच अचानक उन्हें नौकरी से हटाने या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने की बात कही जा रही है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
प्रदर्शनकारी डॉक्टर डॉ. अभिजीत मालाकार ने बताया कि अस्पताल में कई डॉक्टर पिछले चार से 10 वर्षों से कार्यरत हैं। उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था कि मेडिकल कॉलेज बनने के बाद यहां कार्यरत ठेका एवं अस्थायी डॉक्टरों को केंद्र सरकार के अधीन समायोजित (एब्जॉर्ब) किया जाएगा। लेकिन अब मौखिक रूप से कुछ डॉक्टरों के तबादले और कुछ की सेवाएं समाप्त किए जाने की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का मेडिकल कॉलेज बनना पूरे पश्चिम बर्धमान के लिए खुशी की बात है, लेकिन वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चित बनाना उचित नहीं है।
डॉक्टरों का कहना है कि ईएसआई अस्पताल के ठेका एवं अस्थायी डॉक्टरों को लंबे समय से बेहद कम वेतन पर काम करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और राज्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी हुई, लेकिन ईएसआई अस्पताल के संविदा डॉक्टरों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं की गई। इसके बावजूद उन्होंने मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देते हुए कभी काम बंद नहीं किया।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार अस्पताल में करीब 46 ठेका एवं अस्थायी डॉक्टर, 30 से 40 नर्सें तथा लगभग 100 ग्रुप-डी कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका कहना है कि यदि इन कर्मचारियों को हटाया गया तो अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित होंगी, क्योंकि केवल 10 से 12 स्थायी डॉक्टरों के भरोसे पूरे अस्पताल का संचालन संभव नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन पर अन्य अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि अस्पताल के विभिन्न मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थायी डॉक्टर सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
डॉ. अभिजीत मालाकार ने कहा कि वे सभी योग्य चिकित्सक हैं और वर्षों से ईमानदारी से मरीजों की सेवा कर रहे हैं। बिना किसी स्पष्ट आदेश या निर्धारित प्रक्रिया के उनकी नौकरी समाप्त करने का प्रयास अन्यायपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर ठेका एवं अस्थायी कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

