पूर्व रेलवे का पहला बहु-विषयक मंडलीय प्रशिक्षण संस्थान सियालदह में शुरू, रेल सुरक्षा और दक्षता को मिलेगा नया बल
कोलकाता, 20 जुलाई (हि.स.)। पूर्व रेलवे ने परिचालन सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा कर्मचारियों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को सियालदह के बेलियाघाटा में पूर्व रेलवे के पहले बहु-विषयक मंडलीय प्रशिक्षण संस्थान (एमडीडीटीआई) सह कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण (सीबीटी) केंद्र का उद्घाटन किया। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने इस अत्याधुनिक संस्थान का उद्घाटन किया।
यह संस्थान पूर्व रेलवे का पहला एमडीडीटीआई है और भारतीय रेल के ऐसे चुनिंदा सात आधुनिक प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है। इसे पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र से विकसित कर आधुनिक बहु-अनुशासनात्मक प्रशिक्षण संस्थान का स्वरूप दिया गया है, जहां परिचालन, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत तथा भंडार विभाग के कर्मचारियों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
महाप्रबंधक ने संस्थान में विकसित स्मार्ट डिजिटल कक्षाओं और अन्य आधुनिक सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। उन्होंने दिसंबर 2026 तक 120 टर्मिनलों वाले कंप्यूटर आधारित डिजिटल परीक्षा केंद्र के निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रुपये की परियोजना की घोषणा की।
संस्थान में ट्रेन सूचना प्रदर्शन बोर्ड (टीआईबी) प्रयोगशाला, इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर (ईएलबी) प्रशिक्षण प्रणाली, स्थायी पथ (परमानेंट वे) और सिग्नलिंग मॉडल कक्ष जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां कर्मचारियों को रेल सुरक्षा से जुड़े उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
परिसर में 80 बिस्तरों वाला छात्रावास, कैफेटेरिया, पुस्तकालय, हाई-स्पीड वाई-फाई, अतिथि संकाय कक्ष तथा अत्याधुनिक कंप्यूटर आधारित परीक्षा एवं मूल्यांकन केंद्र भी उपलब्ध कराया गया है। यहां अब तक 15 से अधिक विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 1,300 से अधिक अभ्यर्थियों का पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन किया गया।
सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना ने संस्थान की भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि 12.84 करोड़ रुपये की लागत से त्रि-आयामी मोशन सिम्युलेटर भवन बनाया जाएगा, जिससे लोको पायलटों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण मिल सकेगा। इसके अलावा 4.99 करोड़ रुपये की लागत से पुराने भवन को आधुनिक सिग्नल एवं दूरसंचार मॉडल कक्ष में परिवर्तित किया जाएगा, जिसमें 'कवच' जैसी उन्नत टक्कर-रोधी प्रणाली भी स्थापित की जाएगी।
कार्यक्रम में अपर महाप्रबंधक एस. पी. सिंह, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी महुआ वर्मा, पूर्व रेलवे के विभिन्न प्रधान विभागाध्यक्ष तथा सियालदह मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि यह आधुनिक प्रशिक्षण संस्थान रेलवे में सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत करेगा तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

