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रेलवे पटरियों पर रील बनाने वालों के खिलाफ पूर्व रेलवे का कड़ा अभियान

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रेलवे पटरियों पर रील बनाने वालों के खिलाफ पूर्व रेलवे का कड़ा अभियान


कोलकाता, 27 अगस्त (हि. स.)। रेलवे पटरियों पर खड़े होकर रील बनाने और जान को जोखिम में डालने वालों के खिलाफ पूर्व रेलवे ने बड़ा अभियान शुरू किया है। महाप्रबंधक गीतिका पांडेय के निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल को ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

पूर्व रेलवे के महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा ने सभी मंडलों में रेलवे पटरियों पर बिना अनुमति जाने और खतरनाक तरीके से रील बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की पहल की है।

रेलवे की ओर से गुरुवार को जारी जानकारी के अनुसार, एक मई से 31 जुलाई 2026 तक रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत 828 मामले दर्ज किए। हावड़ा, सियालदह, आसनसोल और मालदा मंडलों में 813 मामलों का पता लगाकर 853 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इस अवधि में छह हजार 608 जुर्माना संबंधी मामले भी दर्ज किए गए। इन मामलों में अदालतों ने कुल तीन लाख 18 हजार 220 रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि अन्य मामलों में कुल 33 लाख 12 हजार 900 रुपये की राशि वसूल की गई।

आसनसोल मंडल में भी 152 मामले दर्ज हुए और सभी 152 मामलों का पता लगाया गया। यहां 156 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 561 जुर्माना मामले दर्ज हुए, जिनमें 90 हजार 900 रुपये का अदालती जुर्माना और दो लाख 82 हजार रुपये की राशि वसूल की गई।

हावड़ा मंडल में 96 मामले दर्ज हुए और सभी मामलों का पता लगाया गया। यहां 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मंडल में तीन हजार 468 जुर्माना मामले दर्ज हुए। इनमें 51 हजार 320 रुपये का अदालती जुर्माना और 17 लाख 33 हजार 900 रुपये की राशि वसूल की गई।

मालदा मंडल में 298 मामले दर्ज हुए, जबकि 288 मामलों का पता लगाया गया। यहां 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा एक हजार 145 जुर्माना मामले दर्ज हुए। इनमें 37 हजार 500 रुपये का अदालती जुर्माना और पांच लाख 78 हजार 500 रुपये की राशि वसूल की गई।

सियालदह मंडल में 282 मामले दर्ज हुए और 277 मामलों का पता लगाया गया। यहां 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मंडल में एक हजार 434 जुर्माना मामले दर्ज हुए। इनमें एक लाख 38 हजार 500 रुपये का अदालती जुर्माना और सात लाख 18 हजार 500 रुपये की राशि वसूल की गई।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों और रेलवे के आसपास रहने वाले लोगों का पटरियों पर जाना लंबे समय से समस्या बना हुआ है।

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा कि किसी भी सामाजिक माध्यम की रील या छोटे रास्ते के लिए अपनी जान जोखिम में डालना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित पुलों और निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता