बीरभूम में शहीद दिवस कार्यक्रम के दौरान तृणमूल विधायक काजल शेख पर फेंके गए अंडे, 'चोर-चोर' के लगे नारे
बीरभूम, 27 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के नानूर में सोमवार को शहीद दिवस कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस विधायक एवं बीरभूम जिला परिषद के सभाधिपति काजल शेख (फैयेजुल हक) को जनाक्रोश का सामना करना पड़ा। बसापाड़ा स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते समय कुछ लोगों ने उनकी ओर कच्चे अंडे फेंके और काजल चोर तथा चोर-चोर के नारे लगाए। उस समय नानूर के विधायक बिधानचंद्र माझी भी उनके साथ मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं के खिलाफ भी नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे काजल शेख और विधायक बिधानचंद्र माझी शहीद दिवस के अवसर पर बसापाड़ा स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। माल्यार्पण के दौरान अचानक कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और काजल शेख की ओर अंडे फेंके। जब वह कार्यक्रम समाप्त कर अपनी गाड़ी में बैठने लगे, तब भी उनकी ओर कच्चे अंडे उछाले गए। घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके में तनाव फैल गया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया।
घटना के बाद काजल शेख ने कहा, जिन लोगों ने अंडे फेंके, उन्हें मैंने कभी राजनीति में नहीं देखा। वे समाजविरोधी तत्व हैं। उन्होंने शहीद मंच का अपमान किया है। मुझे उम्मीद है कि पुलिस उनके खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई करेगी।
प्रदर्शनकारियों ने खुद को तृणमूल के किसी गुट या भाजपा से जुड़ा होने की पुष्टि नहीं की।
उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई 2000 को नानूर के सूचपुर और बसापाड़ा में 11 भूमिहीन खेत मजदूरों और तृणमूल कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी। उनकी स्मृति में हर वर्ष यहां शहीद दिवस मनाया जाता है। 2001 से बसापाड़ा बस स्टैंड पर बने शहीद स्मारक पर तृणमूल श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करती रही है। मुख्यमंत्री बनने से पहले ममता बनर्जी भी लगभग हर वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल होती थीं।
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नानूर क्षेत्र में कभी तृणमूल का संगठन मजबूत करने में काजल शेख की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है। पहले इस कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी अनुब्रत मंडल के पास थी, जिसे बाद में काजल शेख ने संभाला। इस बार उसी कार्यक्रम में उन्हें बालू-कोयला-गाय चोर जैसे नारों के साथ विरोध का सामना करना पड़ा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

