बंगाल में संगठित अपराध से जुड़े मामलों का ब्योरा जुटा रहा ईडी, पीएमएलए के तहत जांच की तैयारी
कोलकाता, 11 अगस्त (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल पुलिस से उन मामलों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है, जिनमें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच की संभावना बनती है। सूत्रों के अनुसार, राज्य में पिछली ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान संगठित अपराध से जुड़े कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज किए गए थे, लेकिन इनमें से कई मामलों में आगे की जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
सूत्रों का कहना है कि इन मामलों में जांच और कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने के कारण संगठित अपराध में हुए वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोत का स्पष्ट पता नहीं लगाया जा सका। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि पहले कई मामलों में ईडी द्वारा जानकारी मांगे जाने के बावजूद उसे विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया था। अब राज्य सरकार ने ईडी की ओर से मांगी जाने वाली ऐसी जानकारी साझा करने का निर्णय लिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय जांच एजेंसी पीएमएलए के तहत अपनी जांच शुरू कर सके।
प्रारंभिक स्तर पर ईडी ने संगठित अपराध के कुछ ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें पीएमएलए के तहत जांच की अधिक संभावना है। इनमें हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध प्रमुख हैं। इन अपराधों को पीएमएलए से जुड़े अनुसूचित अपराधों की श्रेणी में रखा गया है। केंद्रीय एजेंसी अब ऐसे मामलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिनमें थानों में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद बाद के स्तर पर जांच में खास प्रगति नहीं हुई।
सरकारी अधिकारी के अनुसार, इस तरह के अपराधों में अक्सर बड़े पैमाने पर धन का लेनदेन होता है और अवैध धन को इधर-उधर करने के लिए हवाला जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है। राज्य स्तर पर जांच में पर्याप्त प्रगति नहीं होने के कारण ऐसे कई मामले अब तक ईडी के दायरे से बाहर रहे हैं।
अब राज्य की जांच एजेंसियां इन मामलों में अपनी जांच आगे बढ़ाएंगी और संबंधित मामलों का ब्योरा ईडी के साथ भी साझा किया जाएगा। इसके आधार पर ईडी आवश्यकता के अनुसार धन शोधन के पहलू की अलग से जांच शुरू कर सकता है।
राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा कि इसका उद्देश्य राज्य और केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके। ईडी पहले से ही पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले, कोयला तस्करी और मवेशी तस्करी समेत कई मामलों की जांच कर रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

