रानीगंज में ईडी की टीम चावल व्यवसायी के घर दी दबिश
आसनसोल, 10 अप्रैल (हि. स.)। रानीगंज शहर में शुक्रवार सुबह जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित शिशुबागान मोड़ इलाके में एक बड़े चावल कारोबारी अजय कयाल के घर पर अचानक छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से की गई कि स्थानीय लोगों को इसकी भनक तक नहीं लग पाई और देखते ही देखते पूरा इलाका केंद्रीय बलों की मौजूदगी से घिर गया।
जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों के साथ चार गाड़ियों में सवार होकर मौके पर पहुंची और सीधे कारोबारी अजय कयाल के आवास में जांच शुरू कर दी। साथ ही उनके अन्य ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी गई, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि कार्रवाई पहले से योजनाबद्ध थी और कई पहलुओं को ध्यान में रखकर अंजाम दी जा रही है।
सूत्रों की मानें तो अजय कयाल का चावल कारोबार केवल पश्चिम बंगाल या देश के अन्य हिस्सों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनका व्यापार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है।
बताया जा रहा है कि उनके व्यावसायिक संबंध नागालैंड सहित कई राज्यों के व्यापारियों से भी हैं, जिसके चलते वित्तीय लेनदेन और कारोबारी गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियों को संदेह हुआ है। हालांकि अभी तक ईडी की ओर से इस छापेमारी के पीछे की आधिकारिक वजह का खुलासा नहीं किया गया है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि अजय कयाल के पास खाद्य आपूर्ति से जुड़ी पांच से छह कंपनियां हैं, जिन्हें उनके परिवार के सदस्य मिलकर संचालित करते हैं। रानीगंज में वह लंबे समय से पारंपरिक रूप से चावल के कारोबार से जुड़े हुए हैं और स्थानीय स्तर पर एक बड़े व्यापारी के रूप में उनकी पहचान रही है।
खबर लिखे जाने तक छापेमारी जारी थी। ईडी की टीम घर और संबंधित परिसरों में दस्तावेजों की जांच, डिजिटल उपकरणों की पड़ताल और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है।
फिलहाल पूरे शिशुबागान मोड़ इलाके में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

