12वें वेतन समझौते की मांग को लेकर इसीएल में मजदूरों का प्रदर्शन
पश्चिम बर्दवान, 10 अगस्त (हि. स.)। एनसीडब्ल्यूए-12 (12वें वेतन समझौते) को जल्द लागू करने और जेबीसीसीआइ-12 का तत्काल गठन करने की मांग को लेकर सोमवार को इसीएल के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया। पश्चिम बर्दवान जिले के सोदपुर, सलानपुर, श्रीपुर, सतग्राम, कुनुस्तोरिया, कजोड़ा, केंदा, बांकोला और पांडवेश्वर सहित कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोयला श्रमिकों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
एटक सीटू, इंटक, केएमएस, यूटीयूसी, टीयूसीसी सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने कहा कि कोयला कर्मचारियों का 12वां वेतन समझौता जुलाई से लंबित है। इसके बावजूद जेबीसीसीआई-12 (संयुक्त द्विपक्षीय कोयला उद्योग समिति) के गठन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। यूनियनों ने इसे लेकर प्रबंधन और केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी जताई तथा तत्काल वार्ता शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान नए श्रम कोड का भी विरोध किया गया। ट्रेड यूनियन नेताओं का आरोप है कि नए श्रम कानूनों से मजदूरों के लंबे समय से हासिल अधिकार और सामाजिक सुरक्षा कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन में एआइटीयूसी और कोलियरी मजदूर सभा के कई नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व किया।
नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल वेतन समझौते की नहीं, बल्कि रोजगार सुरक्षा, सम्मान, बेहतर सेवा शर्तों और श्रमिक अधिकारों की भी है।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जेबीसीसीआई-12 का शीघ्र गठन कर 12वें वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन से तत्काल सकारात्मक कदम उठाने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

