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ईसीएल के सीएमडी सतीश झा ने 'अंकुरण 2.0' में नव नियुक्त अधिकारियों का किया उत्साहवर्धन

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ईसीएल के सीएमडी सतीश झा ने 'अंकुरण 2.0' में नव नियुक्त अधिकारियों का किया उत्साहवर्धन


पश्चिम बर्दवान, 18 जुलाई (हि. स.)। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सतीश झा ने कंपनी में नव नियुक्त अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईसीएल में कार्य करना युवा अधिकारियों के लिए देश के सबसे विविधतापूर्ण खनन परिवेश में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है।

ईसीएल द्वारा नव नियुक्त प्रबंधन प्रशिक्षुओं एवं विभागीय पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों के लिए आयोजित विशेष अभिमुखीकरण कार्यक्रम 'अंकुरण 2.0' को संबोधित करते हुए सतीश झा ने सभी अधिकारियों को कोल इंडिया परिवार का हिस्सा बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी पेशेवर यात्रा ऐसे संगठन से शुरू हो रही है जिसकी गौरवशाली विरासत है और जिसका देश के कोयला खनन इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है।

उन्होंने कहा कि ईसीएल देश की सबसे पुरानी और सबसे गहरी कोयला खदानों का संचालन करता है तथा उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का उत्पादन करता है। यहां कार्य करते हुए अधिकारियों को विभिन्न परिचालन और प्रबंधकीय चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलेगा, जो उनके व्यावसायिक कौशल को विकसित करने के साथ-साथ उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करेगा।

सीएमडी ने युवा अधिकारियों से सत्यनिष्ठा, अनुशासन और व्यावसायिकता के उच्च मानकों का पालन करने, निरंतर सीखने और नवाचार की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ईसीएल में प्राप्त अनुभव उनके पूरे व्यावसायिक जीवन के लिए मजबूत आधार साबित होगा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता देवामीरा दास ने भी अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को समर्पण, जिज्ञासा और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने तथा उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता ईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन सिन्हा ने की। उन्होंने प्रबंधन प्रशिक्षुओं से संगठन के मूल्यों को आत्मसात करने और प्रत्येक दायित्व का उत्कृष्टता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने टीम भावना, नैतिक आचरण और निरंतर कौशल विकास को सफल व्यावसायिक जीवन की आधारशिला बताया।

ईसीएल के निदेशक (तकनीकी) गिरीश गोपीनाथन नायर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए युवा अधिकारियों को समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने और परिचालन उत्कृष्टता की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। संवादात्मक सत्रों में प्रशिक्षुओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नवाचार, परिचालन सुधार और कंपनी की कार्यप्रणाली में मूल्य संवर्धन से जुड़े अपने सुझाव साझा किए।

'अंकुरण 2.0' का उद्देश्य नव नियुक्त प्रबंधन प्रशिक्षुओं एवं विभागीय पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों को ईसीएल की संगठनात्मक संस्कृति, व्यावसायिक गतिविधियों, सुरक्षा मानकों और नेतृत्व मूल्यों से परिचित कराना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा