ईसीएल और पश्चिम बंगाल वन विकास निगम के बीच एमओयू, पश्चिम बर्दवान में 2.11 लाख पौधे लगाए जाएंगे
पश्चिम बर्दवान, 14 जुलाई (हि. स.)। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल वन विकास निगम लिमिटेड (डब्ल्यूबीएफडीसीएल) के साथ व्यापक स्तर पर वनीकरण और वृक्षारोपण के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत पश्चिम बर्धमान जिले में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।
यह एमओयू कोलकाता के साल्ट लेक में आयोजित 'अरण्य सप्ताह-2026' के उद्घाटन समारोह के दौरान संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, वन विभाग के प्रभारी मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी मंत्री, वन राज्य मंत्री, मुख्य सचिव, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ईसीएल की ओर से अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा तथा डब्ल्यूबीएफडीसीएल के ग्रीन प्रोजेक्ट्स विंग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरीश (आईएफएस) ने समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर ईसीएल के निदेशक (तकनीकी) गिरीश गोपीनाथन नायर सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यह पहल एकटी गाछ, माएर नामे! अभियान के तहत की जा रही है, जो केंद्र सरकार के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित है। इसका उद्देश्य संस्थानों और आम नागरिकों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना, हरित क्षेत्र का विस्तार करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
समझौते के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान ईसीएल, डब्ल्यूबीएफडीसीएल के ग्रीन प्रोजेक्ट्स विंग के माध्यम से पश्चिम बर्धमान जिले की 95.39 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 2.11 लाख पौधे लगाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य वन क्षेत्र का विस्तार, पारिस्थितिक संतुलन की बहाली, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता को मजबूत करना तथा क्षेत्र में सतत पर्यावरणीय प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
ईसीएल ने कहा कि यह पहल खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को संतुलित करने की उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल वन विकास निगम के साथ साझेदारी से न केवल दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ सुनिश्चित होंगे, बल्कि राज्य में संरक्षण और हरित विकास के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
कंपनी के अनुसार, यह समझौता कॉर्पोरेट पर्यावरणीय उत्तरदायित्व (सीईआर) के प्रति ईसीएल की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करता है और सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से एक हरित एवं सतत भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

