इसीआई ने मतगणना के लिए 700 सीएपीएफ कंपनियों की तैनाती जारी रहेगी
आसनसोल, 01 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण जनादेश सुनिश्चित करने के लिए इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया और चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ऑफ़ वेस्ट बेंगल पोस्ट-पोल हिंसा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। उनका कहना है कि चुनाव के बाद का माहौल सुरक्षित और कानून के दायरे में रहे, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है ताकि राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मतगणना केंद्रों से लेकर राज्य के सुदूर इलाकों तक सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। किसी भी प्रकार की हिंसा या अशांति को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राज्य भर में स्थिरता बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए 700 सीएपीएफ कंपनियों की तैनाती जारी रहेगी। सभी काउंटिंग सेंटरों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त की व्यवस्था की गई है।
मतगणना केंद्रों में प्रवेश के लिए डिजिटल एक्सेस कंट्रोल लागू किया गया है, जिसके तहत केवल क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र वाले अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। इसके साथ ही चुनाव आयोग और सीईओ कार्यालय से 24 घंटे कमांड हब के जरिए पूरे राज्य पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि की सूचना तुरंत देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 345 0008 और ईमेल wbfreeandfairpolls@gmail.com जारी किए गए हैं। शिकायत करने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी अपने अवलोकन में कहा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए नागरिक और पुलिस प्रशासन चुनाव आयोग के नियंत्रण में रहते हैं। इन सभी कदमों का उद्देश्य एक सुरक्षित वातावरण बनाना और लोकतंत्र को और मजबूत करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

