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इस बार बंगाल चुनाव में लापरवाही या हिंसा पर जीरो टॉलरेंस अपनाएगा आयोग, अधिकारियों को दिए गए हैं सख्त निर्देश

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इस बार बंगाल चुनाव में लापरवाही या हिंसा पर जीरो टॉलरेंस अपनाएगा आयोग, अधिकारियों को दिए गए हैं सख्त निर्देश


कोलकाता, 14 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन अधिकारियों ने राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाएगी।

जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जिला समन्वयकों की बैठक में चुनावी कदाचार और मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सोमवार को उपचुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती के नेतृत्व में चुनाव आयोग की एक टीम बंगाल पहुंची है। वे लगातार बैठकें कर रहे हैं। देर रात तक बैठक हुई है। इसमें सभी अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि हर मतदाता को बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग करने का अधिकार है और प्रशासन इसे सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बूथ कब्जा और मतदान में बाधा डालने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्रीय बल के एक समन्वयक ने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ सघन निगरानी की जाएगी और किसी भी उल्लंघन पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और स्थानीय निकायों के कर्मचारी पूरी तरह निष्पक्ष रहें और किसी भी राजनीतिक गतिविधि से दूर रहें। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों से तटस्थता बनाए रखने की अपेक्षा है और किसी भी तरह की लापरवाही पर अनुशासनात्मक तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि इस समन्वित पहल का उद्देश्य मतदाताओं के बीच विश्वास मजबूत करना है, ताकि हर मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर