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आयोग द्वारा हटाए गए 11 डीएम में से नौ को नवान्न ने दिए नए पद, जानिए किसे कहां मिली जिम्मेदारी

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कोलकाता, 19 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए 11 जिलाधिकारियों (डीएम) में से नौ अधिकारियों को राज्य सरकार ने तुरंत नए पदों पर नियुक्त कर दिया है। नवान्न (राज्य सचिवालय) की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी संभालनी होगी। कोलकाता के दो पूर्व जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को भी नई जिम्मेदारी दी गई है।

दक्षिण 24 परगना के हटाए गए जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा को अल्पसंख्यक मामलों के विभाग का सचिव बनाया गया है। पूर्व बर्धमान की पूर्व जिलाधिकारी आयेशा रानी को नगर विकास और नगरपालिका मामलों के विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। मुर्शिदाबाद के पूर्व जिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार मीणा को कृषि विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है।

नदिया के पूर्व जिलाधिकारी निखिल निर्मल को स्कूल शिक्षा विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। मालदा की पूर्व जिलाधिकारी प्रीति गोयल को स्वास्थ्य विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। उत्तर 24 परगना के पूर्व जिलाधिकारी सैयद एन को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।

अलीपुरद्वार के पूर्व जिलाधिकारी अभिजीत तुकाराम को पशु संसाधन विकास विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। कूचबिहार के पूर्व जिलाधिकारी राजू मिश्रा को परिवहन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। जलपाईगुड़ी के पूर्व जिलाधिकारी रवि प्रकाश मीणा को जन शिक्षा विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है।

कोलकाता में जिलाधिकारी का पद नहीं होने के कारण यहां किसी आईएएस स्तर के अधिकारी को जिला चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी दी जाती है। दक्षिण कोलकाता के डीईओ रहे सुमित गुप्ता को आपदा प्रबंधन विभाग का सचिव बनाया गया है।

उत्तर कोलकाता के डीईओ के रूप में कोलकाता नगर निगम के आयुक्त अंशुल गुप्ता को कुछ दिन पहले जिम्मेदारी दी गई थी। चुनाव आयोग ने उन्हें बुधवार को उस पद से हटा दिया था। अब राज्य सरकार ने उन्हें नगर विकास विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद चुनाव आयोग लगातार प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर बड़े पैमाने पर बदलाव कर रहा है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाया गया था। इसके बाद कोलकाता पुलिस आयुक्त, राज्य पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) को भी हटाया गया।राज्य सरकार ने अधिकांश मामलों में हटाए गए अधिकारियों को नए पदों पर नियुक्त किया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आयोग की इस कार्रवाई की आलोचना भी की है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों को दूसरे राज्यों में भेजने के आयोग के फैसले में आंशिक बदलाव भी किया गया है।

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की सक्रियता पर तृणमूल कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर इस पर असंतोष जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार से बिना चर्चा किए अधिकारियों का तबादला किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले चुनाव के दौरान किसी अधिकारी को हटाने की जरूरत पड़ने पर आयोग राज्य सरकार से तीन नामों का पैनल मांगता था और उनमें से एक का चयन करता था, लेकिन इस बार उस परंपरा का पालन नहीं किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर