ट्रेन में पटाखे लेकर यात्रा करने पर 10 हजार रुपये जुर्माना, पूर्व रेलवे ने बढ़ाई निगरानी
कोलकाता, 06 नवंबर (हि. स.)। दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में पटाखे तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाने के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन में पटाखे लेकर यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्री को कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। इसके अलावा, नियमों के उल्लंघन पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 165 के तहत विस्फोटक और खतरनाक सामग्री लेकर ट्रेन या रेलवे परिसर में प्रवेश करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ कारावास का भी प्रावधान है। यदि इस कारण किसी प्रकार की क्षति होती है तो संबंधित व्यक्ति से नुकसान की भरपाई भी कराई जा सकती है।
पूर्व रेलवे के अनुसार, दीपावली से पहले हावड़ा और सियालदह मंडल में नवंबर महीने के दौरान इस संबंध में सात मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभियान के दौरान अधिकारियों ने लगभग 49 हजार 265 रुपये मूल्य के अवैध पटाखे जब्त किए हैं।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक गीतिका पांडेय और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त एएन सिन्हा के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म, पार्सल परिसर और ट्रेनों के डिब्बों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने बताया कि ट्रेन में पटाखे और विस्फोटक सामग्री ले जाना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इससे हजारों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने सामान में किसी भी प्रकार की ज्वलनशील वस्तु न रखें। यदि किसी को स्टेशन या ट्रेन में कोई संदिग्ध बैग अथवा वस्तु दिखाई देती है तो तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को इसकी सूचना दें। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

