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67 साल बाद दुर्गापुर को मिलेगा दूसरा बड़ा स्टील प्लांट! 35 हजार करोड़ के निवेश से बदल सकती है औद्योगिक तस्वीर

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पश्चिम बर्दवान, 06 जून (हि.स.)।

पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर में एक बार फिर बड़े निवेश की उम्मीद जगी है। करीब 67 वर्ष बाद शहर को दूसरा बड़ा एकीकृत (इंटीग्रेटेड) स्टील प्लांट मिलने की संभावना बनी है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड स्टील परियोजना को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और इसे क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, यह परियोजना स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की ओर से विकसित की जा सकती है। इसके लिए लगभग 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव तैयार किया गया है। परियोजना के तहत दुर्गापुर के निकट अंडाल एयरपोर्ट क्षेत्र में करीब 900 एकड़ भूमि पर आधुनिक स्टील प्लांट स्थापित करने की योजना है।

बताया जा रहा है कि प्रस्तावित संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 30 से 50 लाख टन स्टील तक हो सकती है। इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर संबंधित मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। भूमि सर्वेक्षण और अन्य प्रारंभिक प्रक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि, परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए अभी केंद्र सरकार की मंजूरी और विभिन्न नियामक स्वीकृतियां मिलना बाकी है।

यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है तो इसका सबसे बड़ा लाभ रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं संयंत्र के संचालन के बाद हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

औद्योगिक जानकारों के अनुसार, यह परियोजना केवल दुर्गापुर ही नहीं बल्कि पूरे आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। स्टील उद्योग से जुड़े सहायक उद्योगों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, आवास, होटल और व्यापारिक गतिविधियों को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद है।

दुर्गापुर पहले से ही देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल रहा है। ऐसे में नए ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट की स्थापना से क्षेत्र की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी तथा पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास को भी नया आयाम मिल सकता है।

हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव के स्तर पर है, लेकिन यदि इसे अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो आने वाले वर्षों में दुर्गापुर एक बार फिर देश के प्रमुख इस्पात केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा