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राष्ट्रीय खेल दिवस पर दुर्गापुर में भव्य खेल महोत्सव

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राष्ट्रीय खेल दिवस पर दुर्गापुर में भव्य खेल महोत्सव


पश्चिम बर्दवान, 21 अगस्त (हि. स.)। हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस को इस बार दुर्गापुर में व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। आयोजन का उद्देश्य शहर की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस आयोजन समिति की ओर से शुक्रवार को मंगलिक थिएटर में पत्रकार वार्ता कर कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी गई। समिति की संयोजक सीमा दत्ता चटर्जी ने बताया कि 22 अगस्त को दोपहर दो बजे सिद्धू-कानू स्टेडियम से खेल जागरूकता जुलूस निकाला जाएगा। इसमें पश्चिम बंगाल सरकार के खेल मंत्री इंद्रनील खान के शामिल होने की बात कही गई है।

आयोजन समिति के अनुसार, 29 अगस्त को सुबह छह बजे सिद्धू-कानू स्टेडियम से शहीद भगत सिंह स्टेडियम तक रंगारंग खेल जुलूस निकाला जाएगा। इसमें बच्चों सहित विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ी और खेलप्रेमी हिस्सा लेंगे। इसके बाद शहीद भगत सिंह स्टेडियम में खेल प्रदर्शन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान दुर्गापुर के अलग-अलग खेलों से जुड़े करीब 53 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

समिति की संयोजक सीमा दत्ता चटर्जी ने कहा कि दुर्गापुर की पहचान लंबे समय से औद्योगिक शहर के रूप में रही है, लेकिन खेल के क्षेत्र में भी शहर की उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। यहां के कई खिलाड़ियों ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।

आयोजन समिति का लक्ष्य राष्ट्रीय खेल दिवस को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखकर दुर्गापुर में पूरे वर्ष खेल गतिविधियों का माहौल तैयार करना है। बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ने, उभरती प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न खेल संगठनों, विद्यालयों, खेल अकादमियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, खेल प्रबंधकों और खिलाड़ियों को एक साझा मंच पर लाने की योजना है। आयोजकों का मानना है कि इससे शहर में खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

आयोजन समिति ने इसे हर वर्ष भव्य रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया है। समिति ने उद्योगपतियों, खेल संगठनों, विद्यालयों, अभिभावकों और आम नागरिकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है।

आयोजकों का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से दुर्गापुर को भविष्य में देश के प्रमुख खेल नगरों में पहचान दिलाई जा सकती है। दुर्गापुर को केवल औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के शहर के रूप में भी पहचान दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 को व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा