दुर्गापुर में पांच जिलों की प्रशासनिक बैठक, जलजमाव पर जवाबदेही तय होगी
पश्चिम बर्दवान, 16 जून (हि. स.)। मानसून शुरू होते ही जलजमाव, डेंगू के बढ़ते खतरे, बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासन को सख्त संदेश दिया है। मंगलवार को दुर्गापुर के सिटी सेंटर स्थित सृजनी प्रेक्षागृह में आयोजित पांच जिलों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक में शहरी विकास मंत्री ने स्पष्ट कहा कि बरसात के मौसम में कहीं भी पानी जमा होने की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी। इसके लिए क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय कर अधिकारियों की निगरानी बढ़ाने तथा जल निकासी व्यवस्था को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। बरसात के दौरान लैंपपोस्ट और बिजली व्यवस्था से जुड़ी खामियों के कारण शॉर्ट सर्किट और हादसों को रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि विद्युत स्पर्श से किसी की जान न जाए, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
डेंगू नियंत्रण को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाने की बात कही। नालों की सफाई, जमा पानी हटाने और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए ताकि डेंगू से किसी प्रकार की जनहानि न हो।
बैठक में सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन या स्थान पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नदियों से अवैध जल निकासी रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया। विशेष रूप से दामोदर नदी से अवैध जल उठाव पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए ताकि दुर्गापुर और आसपास के क्षेत्रों में जल आपूर्ति प्रभावित न हो।
बैठक में पूर्व और पश्चिम बर्दवान, बांकुड़ा, पुरुलिया और बीरभूम जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त समेत नगर निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंत्री कलिता माझी, मौमिता विश्वास मिश्र, विधायक चंद्रशेखर बनर्जी, लक्ष्मणचंद्र घुरुई, जितेंद्र तिवारी, कृष्णेंदु मुखर्जी, सांसद सौमित्र खां सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बैठक के जरिए मानसून से पहले प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए सरकार ने प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई का संदेश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

