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मंडप में सेल्फी और वीडियो बनाने पर रोक, दुर्गोत्सव फोरम ने जारी किए 10 निर्देश

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मंडप में सेल्फी और वीडियो बनाने पर रोक, दुर्गोत्सव फोरम ने जारी किए 10 निर्देश


कोलकाता, 19 अक्टूबर (हि. स.)। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गापूजा मंडप में भगदड़ जैसी स्थिति में 19 लोगों की मौत की घटना के बाद कोलकाता के दुर्गापूजा आयोजक सतर्क हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में दुर्गापूजा समितियों के साथ फोरम फॉर दुर्गोत्सव की बैठक हुई। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि पूजा मंडप के अंदर सेल्फी लेने और वीडियो बनाने पर रोक लगानी होगी। इसके साथ ही फोरम ने पूजा समितियों के लिए 10 महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। आयोजकों ने बताया कि इन निर्णयों का उद्देश्य दर्शनार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जारी निर्देशिका में कहा गया है कि प्रत्येक पूजा मंडप के प्रवेश द्वार पर स्वयंसेवक अथवा क्लब के सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य होगी। भीड़ को नियंत्रित करना और दर्शनार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी होगी। इस काम में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक क्लब को 10 रेनकोट रखने का निर्देश भी दिया गया है। इन रेनकोट का खर्च फोरम फॉर दुर्गोत्सव वहन करेगा। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए क्लब का बैज पहनकर दूसरे पूजा मंडपों में घूमने पर भी रोक लगा दी गई है। ऐसे सदस्यों को अपने ही क्षेत्र में रहने के लिए कहा गया है।

इसके बाद फोरम ने स्पष्ट किया कि पूजा मंडप के अंदर सेल्फी लेना या वीडियो बनाना प्रतिबंधित रहेगा। पूजा समितियों को लाउडस्पीकर के माध्यम से दर्शनार्थियों के लिए लगातार इसकी घोषणा करनी होगी। साथ ही सड़कों पर गड्ढे करने पर भी रोक लगा दी गई है। यदि कहीं गड्ढे हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द भरने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक जोन में एंबुलेंस की व्यवस्था भी फोरम की ओर से की जा रही है।

पूजा के संचालन, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फोरम ने प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का संदेश दिया है। पूजा समितियों को भी इस संबंध में सक्रिय रहने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार प्रत्येक क्लब से वॉकी-टॉकी रखने का अनुरोध किया गया है। फोरम ने यह भी कहा है कि यदि कोई पूजा समिति रक्तदान शिविर आयोजित करना चाहती है, तो उसे हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पुलिस और चोरबागान सार्वजनिक पूजा समिति के सूत्रों के अनुसार, शनिवार शाम कोलकाता में तेज बारिश हो रही थी। सड़कों पर भीषण यातायात जाम लगा हुआ था। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कई लोग पूजा मंडप के अंदर प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता