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इस साल कोलकाता की दुर्गापूजा समितियों के बजट में हो रही कटौती

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इस साल कोलकाता की दुर्गापूजा समितियों के बजट में हो रही कटौती


कोलकाता , 26 अगस्त (हि.स.)।

इस साल कोलकाता की दुर्गापूजा समितियों के बजट में बड़ी कटौती देखने को मिल रही है। खासकर बड़े बजट वाली पूजा समितियों को अब आय-व्यय का पूरा हिसाब रखने का निर्देश दिया गया है। नई सरकार ने साफ कर दिया है कि पूजा के नाम पर होने वाले अतिरिक्त खर्च और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पिछले कुछ वर्षों में कोलकाता में बड़े बजट वाली दुर्गापूजाओं की संख्या तेजी से बढ़ी थी। उत्तर कोलकाता से लेकर दक्षिण कोलकाता तक कई पूजा समितियों का बजट लाखों से बढ़कर करोड़ों रुपये तक पहुंच गया था। लेकिन सरकार बदलने के बाद इस बार इन बड़े बजट वाली पूजाओं की भव्यता पर ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है। कई समितियों में कमेटी बदली है और बजट में भी बड़े पैमाने पर कटौती की गई है।

जिन पूजा मंडपों में पिछले वर्षों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी, इस बार वहां अपेक्षाकृत सादगी से पूजा आयोजित किए जाने की संभावना है।

उत्तर कोलकाता हो या दक्षिण कोलकाता, पिछले वर्षों में कई पूजा समितियों के साथ तृणमूल कांग्रेस के नेता, मंत्री या पार्षदों के नाम जुड़े रहे थे। ऐसे में स्पॉन्सर के अलावा आर्थिक स्रोतों को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती थी। नई पूजा समितियों का आरोप है कि पिछले वर्षों में कई पूजा आयोजनों का ऑडिट भी सही तरीके से नहीं हुआ और आय-व्यय का पूरा हिसाब नहीं देना पड़ा। इसके चलते मंडप और सजावट पर बड़े पैमाने पर खर्च किया गया।

लेकिन इस बार स्थिति बदल गई है। नई सरकार ने पूजा आयोजनों में पारदर्शिता पर जोर दिया है। सरकार का कहना है कि दुर्गापूजा में राजनीति का रंग नहीं चढ़ने दिया जाएगा और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में नई समितियां भी अपनी तैयारियां कर रही हैं। नई व्यवस्था का असर महानगर के कई चर्चित आयोजनों पर पड़ने की संभावना है।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा