स्वप्ना बर्मन ने छोड़ी रेल की नौकरी, चुनाव में हार के बाद उनके सामने दोहरी चुनौती
जलपाईगुड़ी, 05 मई (हि. स.)। राजगंज विधानसभा सीट से तृणमूल की उम्मीदवार स्वप्ना बर्मन को हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणाम आने से पहले ही उन्होंने मतगणना केंद्र छोड़ दिया और संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा कि मैं इस हार को स्वीकार करती हूं, कहने के लिए कुछ नहीं है।
2018 एशियाई खेल में हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली स्वप्ना बर्मन ने पिछले कुछ महीनों में खेल से दूरी बनाकर राजनीति में कदम रखा था।
उन्होंने 2026 एशियन गेम्स की तैयारी छोड़कर सक्रिय रूप से राजनीति में भाग लिया।
चुनाव लड़ने के लिए स्वप्ना को अपनी नौकरी भी छोड़नी पड़ी। वह पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अलीपुरद्वार डिवीजन में कार्यरत थी, लेकिन बिना अनुमति राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई। बाद में उन्होंने इस्तीफा दिया, जिसे स्वीकार नहीं किया गया और अंततः उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। लंबी कानूनी प्रक्रिया और अनुमति के बाद उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन हार के साथ अब उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। खेल करियर पहले से प्रभावित है और सरकारी नौकरी भी हाथ से जा चुकी है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि खेल जगत से राजनीति में आना उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ है। कई लोगों ने कहा कि स्वप्ना बर्मन राजबंशी समाज का एक बड़ा चेहरा थी और उन्हें खेल पर ही ध्यान देना चाहिए था। इस हार के बाद स्वप्ना बर्मन के सामने अब करियर को दोबारा पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

