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स्टील प्लांट में रोजगार को लेकर स्थानीय भूमिदाताओं की अनदेखी पर उठे सवाल

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स्टील प्लांट में रोजगार को लेकर स्थानीय भूमिदाताओं की अनदेखी पर उठे सवाल


दुर्गापुर, 24 जुलाई (हि.स.)।

दुर्गापुर में डीएसपी (दुर्गापुर स्टील प्लांट) और एएसपी (एलॉय स्टील प्लांट) में स्थानीय भूमिदाता परिवारों को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है। इस संबंध में भूमिदाताओं की ओर से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को एक पत्र भेजकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि राज्य में हर बार सरकार बदलने के साथ उन परिवारों की आजीविका भी छीन ली जाती है, जिनकी पुश्तैनी जमीन पर डीएसपी और एएसपी जैसे बड़े उद्योग स्थापित हुए है। आरोप लगाया गया है कि वाम मोर्चा सरकार के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय भूमिदाताओं को अन्यायपूर्ण तरीके से काम से वंचित किया गया, लेकिन आज तक उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य को रोजगार नहीं दिया गया।

यह भी सवाल उठाया गया है कि किसी बडे नेता के निर्देश पर स्थानीय लोगों की जगह बाहरी राज्यों के लोगों को कथित तौर पर पैसे लेकर नियुक्त किया जा रहा है। पत्र में दावा किया गया है कि जिन परिवारों के पूर्वजों के त्याग और जमीन पर यह औद्योगिक शहर बसा, आज वही लोग अपने ही शहर में उपेक्षित और विस्थापित जैसी स्थिति में हैं।

पत्र में कहा गया है कि पिछले ढाई से तीन महीनों के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और भूमिदाता भूमिपुत्रों से रोजगार छीन लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जगह कितने स्थानीय युवाओं या भूमि गंवाने वाले परिवारों को रोजगार मिला है।

इसके साथ ही कहा कि आखिर क्यों अब भी स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा से आए लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। मांग की गई है कि बाहरी कर्मचारियों के स्थान पर स्थानीय भूमिदाता भूमिपुत्रों और क्षेत्र के निवासियों को, राजनीतिक दल से ऊपर उठकर, प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए।

पत्र में यह भी पूछा गया है कि भूमि के दस्तावेज, पट्टा, लीज का नवीनीकरण और कारखानों में स्थानीय लोगों के रोजगार का आरक्षण आखिर कब सुनिश्चित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा