दो इंजेक्शन लगने के बाद 11 वर्षीय बालक की मौत, गलत इंजेक्शन देने का आरोप
बीरभूम, 24 अगस्त (हि. स.)। जिले के रामपुरहाट में इलाज के दौरान 11 वर्षीय बालक की मौत के बाद हंगामा मच गया। तेज पेट दर्द की शिकायत पर परिवार के लोग बच्चे को डॉक्टर के चेंबर में लेकर पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि वहां बालक को लगातार दो इंजेक्शन दिए गए और इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार के अनुसार, रामपुरहाट थाना क्षेत्र के बेले नारायणपुर गांव निवासी बुद्धदेव माल का 11 वर्षीय बेटा तेज पेट दर्द से परेशान था। उसे इलाज के लिए रामपुरहाट के चिकित्सक अरिंदम चटर्जी के पास ले जाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने दो इंजेक्शन देने की बात कही। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर के चेंबर में मौजूद एक युवक ने दोनों इंजेक्शन लगाए। इंजेक्शन दिए जाने के कुछ ही समय बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे तत्काल रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर पाकर परिवार के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि सही इलाज नहीं मिलने और गलत इंजेक्शन दिए जाने के कारण बच्चे की मौत हुई है। इसके बाद वे बच्चे का शव लेकर डॉक्टर के चेंबर के सामने पहुंचे और वहां शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि चैंबर के सामने बच्चे का शव रखकर विरोध किए जाने के बावजूद डॉक्टर मरीजों को देखते रहे। इसको लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
घटना की सूचना पाकर रामपुरहाट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। वहीं, सोमवार शाम तक परिवार की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

