विकसित भारत ग्रामजी परियोजना को लेकर पश्चिम बर्धमान में महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
पश्चिम बर्दवान, 05 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में एक अगस्त से विकसित भारत ग्रामजी परियोजना की शुरुआत हो चुकी है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने का लक्ष्य रखा गया है। इसी को लेकर बुधवार को पश्चिम बर्धमान जिलाधिकारी कार्यालय में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल, पांडेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी, आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी, बाराबनी के विधायक अरिजीत राय सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों को परियोजना के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ऐसे स्थायी कार्य कराना भी है, जो भविष्य में समाज और देश के लिए उपयोगी संपत्ति के रूप में विकसित हों।
बैठक के बाद पांडेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत ग्रामजी परियोजना के माध्यम से पौधारोपण अभियान चलाकर एक ओर लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
जितेंद्र तिवारी ने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र पांडेश्वर मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र है, जहां अधिकांश भूमि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के अधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण के लिए ईसीएल द्वारा नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं दिया जा रहा है, जिससे अभियान प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को बैठक में जिलाधिकारी के समक्ष उठाया गया और अनुरोध किया गया कि ईसीएल से इस विषय पर बातचीत कर या तो पौधारोपण के लिए एनओसी जारी कराने की पहल की जाए या फिर ईसीएल स्वयं अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में पौधारोपण का कार्य कराए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

