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आसनसोल सुधारागार में मनाया गया ‘परिवार दिवस’

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आसनसोल सुधारागार में मनाया गया ‘परिवार दिवस’


पश्चिम बर्दवान, 06 अगस्त (हि. स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएल एसए) की पहल पर गुरुवार को आसनसोल सुधारागार में ‘परिवार दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लंबे समय से परिवार से दूर रहे बंदियों को उनके परिजनों से जोड़ना और उन्हें मानसिक व सामाजिक सहयोग प्रदान करना था।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अम्रपाली चक्रवर्ती ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली पहल है। उन्होंने बताया कि पिछले परिवार दिवस के बाद से ही लगातार उन बंदियों की पहचान की जा रही है जिनके परिवार के सदस्य लंबे समय से उनसे मिलने नहीं आ रहे हैं। ऐसे मामलों में प्राधिकरण की टीम परिवारों से संपर्क कर उन्हें समझाने और फिर से रिश्तों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी बंदी के सुधार के लिए परिवार का साथ बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी व्यक्ति का अपने परिवार से संपर्क पूरी तरह समाप्त हो जाए और उसे यह महसूस होने लगे कि परिवार में उसकी कोई अहमियत नहीं रही, तो उसके भीतर समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा भी कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में सुधारागार का वास्तविक उद्देश्य भी पूरा नहीं हो पाता।

अम्रपाली चक्रवर्ती ने बताया कि बंदियों के परिवार का उनसे मिलने आना केवल भावनात्मक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से भी जरूरी है। परिवार के सदस्य ही बाहर रहकर मुकदमे की पैरवी, वकीलों से संपर्क और अन्य आवश्यक कार्यों की निगरानी कर सकते हैं, जो सुधारागार के भीतर रहकर बंदी स्वयं नहीं कर पाते।

उन्होंने जानकारी दी कि इस बार चार ऐसे बंदियों को उनके परिवारों से मिलाने की योजना बनाई गई थी, जिनका लंबे समय से अपने परिजनों से संपर्क टूट चुका था। हालांकि, अंतिम समय में विभिन्न पारिवारिक कारणों और अप्रत्याशित परिस्थितियों के चलते चारों परिवार कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। किसी परिवार में शोक की स्थिति थी तो किसी को अन्य जरूरी कारणों से आना संभव नहीं हो पाया। अम्रपाली चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि परिवार अब कभी नहीं आएंगे। परिवारों की सहमति बनी हुई है और आने वाले दिनों में नियमित मुलाकात (मुलाकात व्यवस्था) के माध्यम से उन्हें फिर से बंदियों से मिलवाया जाएगा।

कार्यक्रम में सुधारागार प्रशासन के अधिकारी, पैरा लीगल वॉलंटियर्स तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा