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जिला माझी मापाजी मांडवा कमेटी ने आयोजित की सामाजिक आलोचना सभा

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जिला माझी मापाजी मांडवा कमेटी ने आयोजित की सामाजिक आलोचना सभा


आसनसोल, 29 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बर्दवान जिला माझी मापाजी मांडवा कमेटी की पहल पर बर्नपुर स्थित हरामडीह कमेटी कार्यालय में रविवार को संथाली समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के उद्देश्य से एक सामाजिक आलोचना सभा आयोजित की गई। इस सभा में समाज की पारंपरिक संरचना को मजबूत करने और उसे पुनर्जीवित करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि संथाल समाज में शादी-विवाह के दौरान पारंपरिक नृत्य—जिसमें महिलाएं ‘दौह’ और पुरुष ‘नाटवा’ नृत्य करते हैं। धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है। इसकी जगह अब डीजे और बैंड-बाजा ले रहे हैं, जिससे समाज की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर पर खतरा मंडरा रहा है और परंपराएं प्रभावित हो रही हैं।

यह भी बताया गया कि पहले विवाह जैसे आयोजनों के लिए ग्राम सभा के मुखिया ‘माझी मापाजी’ से अनुमति लेना अनिवार्य होता था, लेकिन अब इस परंपरा की अनदेखी की जा रही है।

सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संथाली विवाह समारोहों में पारंपरिक नृत्य को पुनर्जीवित करने के लिए आधुनिक साज-सामान (डीजे, बैंड आदि) पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही समाज में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सजग किया जाएगा।

इस मौके पर दुर्गा दास सोरेन, गणेश हेंब्रम, कंदन हांसदा, श्यामा सोरेन, रवि सेन टुडू और हीरालाल सोरेन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया और समाज को अपनी परंपराओं को बचाने का संदेश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा