शनिवार को भी जारी रहा दिशम आदिवासी गांवता का धरना प्रदर्शन
बर्दवान, 16 मई (हि. स.)। दुर्गापुर के सिटी सेंटर स्थित भगत सिंह क्रीड़ांगन के पास विभिन्न मांगों को लेकर दिशम आदिवासी गांवता द्वारा लगातार 55 दिनों से धरना प्रदर्शन जारी है। यह आंदोलन शिक्षा, जमीन के अधिकार, पुनर्वास और रोजगार की मांग को लेकर किया जा रहा है।
इस आंदोलन की सूचना पाकर शनिवार को राज्य का पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री खुदीराम टुडू धरनास्थल पर पहुंचे।
धरनास्थल पर पहुंचकर मंत्री ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, जमीन के पट्टे, पुनर्वास और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी की गई है। इसी कारण चुनाव से पहले छह सूत्री मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया।
उनकी प्रमुख मांगों में कांकसा के आदिवासी क्षेत्रों में एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल की स्थापना, आदिवासियों को जमीन का पट्टा प्रदान करना, खनन प्रभावित परिवारों का पुनर्वास, आईक्यू सिटी में जमीन गंवाने वाले परिवारों के लिए रोजगार की व्यवस्था और एसआईआर सूची से बाहर हुए नामों को फिर से शामिल करना शामिल है। इसके साथ ही आदिवासी समाज के समग्र विकास की मांग भी उठाई गई है।
धरना मंच से मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने आदिवासियों को जमीन का पट्टा देने का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इन मुद्दों को गंभीरता से ले रही है और समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने स्थानीय विधायक चंद्रशेखर बनर्जी और लक्ष्मण घोरुई तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
इसके अलावा मंत्री ने कांकसा स्थित पंडित रघुनाथ मुर्मू आवासीय विद्यालय की विभिन्न समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

