दिव्यांग पेंशन में अनियमितता का आरोप, तृणमूल नेता के परिवार के 15 सदस्य लाभार्थी सूची में होने का दावा
मुर्शिदाबाद, 06 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में लक्खी भंडार योजना के बाद अब दिव्यांग पेंशन को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के परिवार पर कथित तौर पर स्वस्थ लोगों के नाम पर वर्षों से दिव्यांग पेंशन लेने का आरोप लगा है। हालांकि, आरोपित नेता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
आरोप शमशेरगंज पंचायत समिति के तृणमूल सदस्य आसिकुल इस्लाम पर लगे हैं। आरोप है कि उनके परिवार के करीब 15 ऐसे सदस्यों के नाम पर सरकारी दिव्यांग पेंशन का लाभ लिया गया, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं।
शिकायत के अनुसार, आसिकुल इस्लाम की पत्नी रेशमा लैला, उनके तीन बेटे—मोहम्मद आदिल इस्लाम, मोहम्मद सैफ इस्लाम और साजिद इस्लाम—के अलावा परिवार के अन्य कई सदस्यों को सरकारी अभिलेखों में दिव्यांग दर्शाकर पेंशन स्वीकृत कराई गई। आरोप है कि सूची में उनके भाई, चाचा, भतीजे और भतीजियों के नाम भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सूची में शामिल सभी व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां वास्तविक दिव्यांग व्यक्ति सरकारी सहायता पाने के लिए वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं, वहीं एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता के परिवार के इतने सदस्यों का लाभार्थी सूची में शामिल होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं का राजनीतिक प्रभाव के जरिए दुरुपयोग किया जा रहा है और यह कोई अकेली घटना नहीं है।
हालांकि, तृणमूल नेता आसिकुल इस्लाम ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा कथित फर्जी लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग उठ रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

