‘बांग्लार बाड़ी’ योजना में बड़ी गड़बड़ी, कागजों में मिला घर
दक्षिण दिनाजपुर, 13 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की ‘बांग्लार बाड़ी’ योजना को लेकर हिली में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरकारी रिकॉर्ड में जिन लाभार्थियों को पक्का घर और आर्थिक सहायता मिल चुकी दिख रही है, वे आज भी जर्जर टिन के घरों में रहने को मजबूर है। मामला उस समय सामने आया जब हिली थाना क्षेत्र के तीन नंबर धलपाड़ा ग्राम पंचायत के ईश्वरपाड़ा गांव में अधिकारियों की टीम आवास योजना का सर्वे करने पहुंची। ऑनलाइन पोर्टल पर जांच के दौरान पता चला कि इस इलाके के 12 लोगों को पहले ही योजना का लाभ मिल चुका है। लेकिन जब अधिकारियों ने जमीनी हकीकत देखी, तो सभी लाभार्थियों ने दावा किया कि उन्हें अब तक एक भी पैसा या घर नहीं मिला।इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। शनिवार को नाराज ग्रामीणों ने हिली के बीडीओ कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
लाभार्थी माधवी राय ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन दिखा रहा है कि हमें घर मिल चुका है, जबकि हमें कुछ भी नहीं मिला। हमारे जैसे 12 लोगों के साथ ऐसा हुआ है।
स्थानीय पंचायत सदस्य राजू सोरेन ने भी माना कि इन परिवारों को वास्तव में कोई घर नहीं मिला है। वहीं, ग्राम पंचायत प्रधान बीथिका घोष ने कहा कि इस योजना का काम बीडीओ कार्यालय के माध्यम से हुआ है।
दूसरी ओर, बीडीओ कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। यह जांच की जा रही है कि कहीं कोई तकनीकी गड़बड़ी है या किसी अन्य व्यक्ति ने उसी नाम पर लाभ ले लिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

