युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन की जरूरत : दिलीप घोष
कोलकाता, 07 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की युवा पीढ़ी के साथ संवाद की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि वह हमेशा हिंदू समाज के लिए अभिभावक, मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहे हैं।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा कि जब भी समाज किसी चुनौती का सामना करता है अथवा युवा पीढ़ी भटकती दिखाई देती है, तब मोहन भागवत उनकी बात सुनते हैं, स्थिति को समझते हैं और उचित मार्गदर्शन देते हैं। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से यही दायित्व निभाते आ रहे हैं।
घोष ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि सरसंघचालक ने एक महत्वपूर्ण विषय को उठाया है और उन्हें विश्वास है कि इसका सार्थक समाधान सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा पीढ़ी को सामाजिक माध्यमों तथा विदेशी तत्वों सहित अनेक माध्यमों से गुमराह किया जा सकता है। कई बार युवा अनजाने में और बिना पूरी जानकारी के राष्ट्र के विरुद्ध जाने वाली बातों का समर्थन करने लगते हैं। ऐसे समय में उन्हें उचित परामर्श और सही दिशा देने की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) के 15वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में जेन जेड और जेन अल्फा के लगभग दो हजार युवाओं को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में विरोध संवाद का वैध माध्यम है और उसका उद्देश्य समाज में सहमति तथा समाधान का मार्ग प्रशस्त करना होना चाहिए, न कि विभाजन पैदा करना।
उन्होंने हाल के प्रश्नपत्र लीक के विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रही चिंताओं को भी उचित बताया तथा शिक्षा पर देश के सकल घरेलू उत्पाद का छह प्रतिशत व्यय किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

