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एक देश एक विधान से मजबूत होती राष्ट्रीय एकता -दिलीप घोष

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एक देश एक विधान से मजबूत होती राष्ट्रीय एकता -दिलीप घोष


एक देश एक विधान से मजबूत होती राष्ट्रीय एकता -दिलीप घोष


एक देश एक विधान से मजबूत होती राष्ट्रीय एकता -दिलीप घोष


खड़गपुर, 04 जुलाई (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने शनिवार को खड़गपुर के ऐतिहासिक हितकारिणी विद्यालय में आयोजित 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और राष्ट्रीय एकता' विषयक विचार गोष्ठी में भाग लिया। कार्यक्रम में उन्होंने एक देश, एक विधान के सिद्धांत को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संघर्ष का मूल आधार बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी राष्ट्र की एकता और अखंडता को सशक्त करने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ। इसके बाद स्कूल की ही छात्रा द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम नृत्य ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।

दिलीप घोष ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए एक देश, एक विधान, एक निशान की अवधारणा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनके जीवन, विचारों और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

विद्यालय के शिक्षक प्रभारी उमेश चंद्र सिंह ने कहा कि हितकारिणी विद्यालय जिले के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में से एक है। उन्होंने बताया कि यह हिंदी माध्यम का ऐसा विद्यालय है जिसने सौ वर्ष पूरे किए हैं और अपनी समृद्ध शैक्षणिक परंपरा को आज भी आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने विद्यालय में इस प्रकार के राष्ट्रीय चिंतन से जुड़े कार्यक्रम के आयोजन को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी बताया।

कार्यक्रम में उमेश चंद्र सिंह के साथ विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, गणमान्य नागरिकों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता की, जिससे कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत हो गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता