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पश्चिम बंगाल में पूर्व तृणमूल नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार मामलों की फिर होगी जांच : दिलीप घोष

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पश्चिम बंगाल में पूर्व तृणमूल नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार मामलों की फिर होगी जांच : दिलीप घोष


कोलकाता, 12 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने मंगलवार को कहा कि पिछली सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े सभी मामलों को दोबारा खोला जाएगा और उनकी व्यापक जांच कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के अधिकांश नेता भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

दिलीप घोष ने कहा, “अब तक पुलिस और सरकार की अनुमति नहीं मिलने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ रही थी, लेकिन अब सभी मामले फिर से शुरू किए जाएंगे। हर मामले की जांच होगी और जनता जो चाहती है, वही होगा।”

इससे पहले रविवार को नई भारतीय जनता पार्टी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन्होंने कहा था कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुधारना और लोगों का भरोसा वापस लाना नई सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा, “हमें बंगाल का पुनर्निर्माण करना है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और लोग भय के माहौल में रह रहे थे। हर क्षेत्र में काम करना होगा और इसमें समय लगेगा, लेकिन बदलाव जल्द दिखाई देगा।”

राज्य में ऐतिहासिक राजनीतिक परिवर्तन के बीच शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली।

सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया। दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायत और पशु संसाधन विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग, खुदीराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण विभाग तथा निशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास के साथ खेल एवं युवा कल्याण विभाग दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर