भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस': पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने जीटीए और पहाड़ी पंचायतों के विशेष ऑडिट का दिया आदेश
कोलकाता, 19 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी स्थित उत्तर बंगाल के शाखा सचिवालय 'उत्तरकन्या' में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी, तराई और डुआर्स क्षेत्रों में ग्रामीण विकास की प्रगति का आकलन करना था। इसी दौरान उन्होंने जीटीए और पंचायत निकायों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कड़ा संदेश दिया। उन्होंने गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) और उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों की पंचायतों के कामकाज में भ्रष्टाचार की पहचान के लिए एक विशेष ऑडिट की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि राज्य की नई भाजपा शासित सरकार प्रशासनिक कामकाज में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाएगी।
मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक सेवा कार्यों में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहाड़ियों में जीटीए क्षेत्रों सहित कम से कम 10 प्रतिशत पंचायतों में विशेष ऑडिट किया जाएगा, जहां भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।
उन्होंने बताया कि नए जीटीए प्रमुख और प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय से बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने का काम चल रहा है। इसके साथ ही, सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में लगभग 11 हजार रिक्तियों को शीघ्र भरने की पहल भी की जा रही है।
राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने विकास की खातिर सत्ता परिवर्तन किया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोग नई सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट हैं और यह संतुष्टि अगले महीने राज्य की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के नतीजों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
घोष ने दावा किया कि इन दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवार भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

