दिलीप घोष ने ममता पर साधा निशाना, ईडी के 30 लाख रुपये के दावे पर उठाए सवाल
कोलकाता, 02 अक्टूबर (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया जांच के दावों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। घोष ने कहा कि ईडी के दावों से सार्वजनिक जीवन में साफ-सुथरी छवि बनाए रखने के ममता बनर्जी के दावे पर सवाल खड़े हुए हैं।
घोष की प्रतिक्रिया ईडी के उस दावे के एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने पूछताछ के दौरान करीब 30 लाख रुपये ममता बनर्जी के बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाने की बात स्वीकार की है। घोष ने कहा कि उन्होंने खुद को ईमानदारी का प्रतीक बताया और बाकी सभी को फंसाती रहीं। अब यह और नहीं चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बनर्जी अपनी पार्टी के नेताओं और मंत्रियों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों से खुद को अलग रखती रही हैं।
घोष ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कई नेता और मंत्री कानूनी कार्रवाई और जेल यात्रा कर चुके हैं, जबकि ममता बनर्जी इससे अछूती रही हैं। उन्होंने कहा कि अब असली कहानी सामने आ रही है।
यह मामला कोलकाता में दुर्गापूजा के ‘प्रीव्यू शो’ के टिकटों की बिक्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी ईडी जांच का हिस्सा है।
ईडी के अनुसार, सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के राज्य मंत्री के रूप में इंद्रनील सेन के कार्यकाल में उनके और उनकी स्वामित्व वाली संस्था ‘ऑक्टेव रिकॉर्ड्स’ के बैंक खातों में 3.8 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए गए थे। इनमें से करीब 30 लाख रुपये ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के खाते से ममता बनर्जी के बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए।
ईडी के अनुसार, पूछताछ में सेन ने दावा किया कि यह राशि रॉयल्टी के रूप में दी गई थी। एजेंसी ने इस लेनदेन के संबंध में ममता बनर्जी पर किसी आपराधिक गतिविधि का आरोप नहीं लगाया है। जांच की अवधि में बनर्जी मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की प्रभारी मंत्री भी थीं।
तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने बनर्जी का बचाव करते हुए कहा कि वह गीत लिखती और संगीत तैयार करती हैं तथा सेन की संस्था के साथ हुए समझौते के तहत उन्हें रॉयल्टी का भुगतान किया गया था।
ईडी की जांच बड़ाबाजार थाने में मासआर्ट सोसायटी के खिलाफ दर्ज शिकायत के बाद शुरू हुई। एजेंसी ने ईसीआईआर दर्ज कर 29 सितंबर को सेन के आवास सहित कोलकाता में 15 स्थानों पर तलाशी ली थी। ईडी का आरोप है कि मासआर्ट ने 2022 से 2025 के बीच यूनेस्को के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर दुर्गापूजा के ‘प्रीव्यू शो’ का प्रचार किया। 24 चयनित पूजा पंडालों के शो के लिए एक हजार 749 से पांच हजार 499 रुपये तक के टिकट बेचे गए।
ईडी कथित निविदा अनियमितताओं की भी जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, सेन के करीबी बताए जाने वाले दो कारोबारियों से जुड़ी कंपनियों को पर्यटन तथा सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग से 85 करोड़ रुपये से अधिक के ठेके मिले थे। इन कंपनियों द्वारा सेन के रिश्तेदारों से जुड़ी संस्थाओं को रकम हस्तांतरित करने और बड़ी नकद निकासी की भी जांच हो रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

