दोल से पहले रंगों में रंगे दिलीप घोष, ममता पर उठाए सवाल
कोलकाता, 28 फरवरी (हि.स.)। कोलकाता में दोलयात्रा से पहले ही सियासी रंग चढ़ता दिखा, जब दिलीप घोष इको पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान केसरिया अबीर खेलते नजर आए। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ‘रंग बरसे’ की धुन पर थिरकते भी दिखे। एसआईआर के बाद बंगाल में मतदाता सूची जारी होने के दिन उनके इस अंदाज ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
कोलकाता में रहने पर वे प्रतिदिन इको पार्क में मॉर्निंग वॉक के लिए जाते हैं। परिचितों और आम प्रातःभ्रमण करने वालों के साथ बातचीत करते भी उन्हें देखा जाता है। मंगलवार को दोल उत्सव है। दोल के दिन आम लोगों से लेकर राजनीतिक नेता-नेत्रियां भी रंगों में रंग जाते हैं, लेकिन दिलीप घोष मानो तीन दिन पहले ही रंगों में सराबोर हो गए। शनिवार सुबह वे इको पार्क पहुंचे थे। वहीं परिचितों और समर्थकों के साथ अग्रिम दोल-होली के रंग में मस्ती करते दिखे। अबीर उड़ाया गया और ‘रंग बरसे’ गाने की धुन पर नाचते हुए भी वे नजर आए। सिर पर पगड़ी बांधकर केसरिया अबीर लगाए वे उत्साह में डूबे हुए थे।
उल्लेखनीय है कि शनिवार ही एसआईआर के बाद बंगाल की पहली पूर्ण मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। इसे लेकर राज्यभर में विभिन्न हलकों में चर्चा जारी है। और शनिवार सुबह अबीर लगाए उत्साहित दिखे ‘दबंग’ नेता को लेकर राजनीतिक हलकों में भी कानाफूसी शुरू हो गई है। बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची में कितना बदलाव आएगा और कितने लोगों के नाम सूची से हटेंगे, इस पर जानकारों के बीच चर्चा जारी है।
इस अवसर पर दिलीप घोष ने कहा, “ममता बनर्जी ने मान लिया है कि एक करोड़ 20 लाख लोगों के नाम हट जाएंगे। हम भी तो यही कह रहे थे। तो फिर देर से क्यों माना?” उन्होंने आगे कहा, “उन्हीं ने लोकसभा में कहा था कि घुसपैठिए बंगाल में भर गए हैं। 20 साल बीत गए, क्या वे एक भी घुसपैठिए को बाहर कर पाईं? पश्चिम बंगाल के लोग इतने दिनों से बोझ ढो रहे हैं। अब उसे उतार देंगे।”
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

